बलरामपुर। नगर के मोहल्ला बलुहा स्थति मदरसा दारूल उलूम इमामे आजम लिलबनात में आला हजरत की 105वीं उर्स के मौके पर तकरीरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मौजूद उलेमाओ ने तकरीर करते हुए आला हजरत के विचार बताते हुए कहा कि मुल्क व समाज की तरक्की के लिए बेटों के साथ बेटियों को भी शिक्षित बनाया जाए।
मदरसे की शिक्षिका शबीना ने कहा कि आला हजरत का पूरा नाम अहमद रजा खान बरेलवी था। वह इस्लामी विद्वान होने के साथ ही न्यायविद व सूफी भी थे। उन्होंने अपने जीवन काल में कानून, धर्म, दर्शन और विज्ञान के क्षेत्र में एक हजार से अधिक किताबें लिखी हैं। उनका मानना था कि शिक्षा के बिना देश या समाज का विकास संभव नहीं है। सरायफाटक स्थित जामा मस्जिद में भी शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने तकरीर करते हुए आला हजरत के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों के बारे में बताया।