बलरामपुर। साहित्यशाला मंच से जिले में साहित्यकारों की फौज तैयार की जाएगी। साहित्यकारों की तरफ से देश व प्रदेश में मंच के माध्यम से कार्यक्रम करके जिले का नाम रोशन किया जाएगा।
कार्यक्रम आयोजित कर साहित्यकारों को सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम में साहित्य के क्षेत्र में रुचि रखने वाले शिक्षकों व रचनाकारों ने प्रतिभाग किया जिन्हें सम्मानित किया गया है। राजकीय पुस्तकालय में कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करके दीप प्रज्जवलित कर क्रिया गया।
राजकीय पुस्तकालय में कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बीएसए डॉ. रामचंद्र ने कहा कि देश के प्रथम उप राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनन के जन्म दिवस पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के दिन रविवार को जिला स्तरीय हिन्दी-उर्दू का साझा साहित्यशाला मंच का शुभारंभ करके उनके जन्मदिन को सार्थक बनाने का किया गया कार्य अत्यंत सराहनीय है।
मंच के संस्थापक प्राथमिक विद्यालय मुजेहनी के शिक्षक महमूदुलहक अज्म बलरामपुरी ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त कर कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक-शिक्षिकाओं में साहित्य की रुचि को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी में पठन व लेखन क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से बीएसए के संरक्षण व सभी बीईओ के मार्ग दर्शन में साहित्यशाला मंच की आधारशिला रखी गई है।
साहित्यशाला मंच को तैयार करने में जूनियर हाईस्कूल बनकटवा के हेडमास्टर मोहम्मद उस्मान उतरौलवी, लक्ष्मनपुर के हेडमास्टर दिलीप कुुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय धुसाह के शिक्षक जय शेखर व जानकीजोत के शिक्षक निलय मिश्र का सराहनीय योगदान है।
डीसी प्रशिक्षण मोहित देव त्रिपाठी, एसआरजी नवीन कुमार सिंह, आलोक कुमार शर्मा, एआरपी नगर क्षेत्र सलमा खान, उतरौला मुनव्वर अली व मनोज कुमार सिंह ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मंच के माध्यम से साहित्यकारों की फैज तैयार की जाएगी जो देश व प्रदेश के कार्यक्रम में शामिल होकर जिले का नाम रोशन करेंगे। कोरोना काल के दौरान बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देकर मिशन प्रेरणा में शानदार योगदान देने वाले 10 एआरपी को बीएसए ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।