बलरामपुर। प्रशासन की मदरसों के खिलाफ की जांच व कार्रवाई को लेकर मदरसा शिक्षक मुखर हो गए हैं। शिक्षकों ने मदरसों की जांच पर सवाल उठाया है। इन लोगों ने भाजपा जिलाध्यक्ष व उतरौला विधायक को ज्ञापन देकर मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है।
शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह व उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा को दिए गए ज्ञापन में संयुक्त मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक समिति के उवैश मोनिस, मो. सगीर, सुनील सिंह, राम प्रकाश वर्मा, राज कुमार मिश्रा, अमर सिंह, मो. शहाब खां, एजाज, मोहम्मद अंसारी, मो. कलीम, डॉ. हैदर अली, संदीप पांडेय, अनवारुल हुसैन व मो. रईस आदि ने कहा है कि बीते दिनों प्रशासन ने ब्लॉक हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा व श्रीदत्तगंज में मदरसों की जांच में 71 मदरसों को मानकविहीन बताया गया है।
सीडीओ ने गत एकक फरवरी को इन मदरसों के खिलाफ केस दर्ज कराने तथा अनुदान की धनराशि रिकवरी करने का आदेश दिया है। यह जांच व कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। जांच में जो मदरसे सभी मानक पूरा कर रहे हैं उन्हें भी मानकविहीन बता दिया गया है। कार्रवाई से पूर्व मदरसा कमेटियों से कोई जबाब तलब नहीं किया गया।
तमाम ऐसे मदरसे जो बड़ी-बड़ी इमारतों में संचालित हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई का आदेश दिया गया। कई ऐसे मदरसे जिन्हें सालों बंद करके सूचना विभाग को दी गई उन पर भी कार्रवाई की गई है। जिस ब्लॉक में मदरसा संचालित है उसे न देखकर दूसरे ब्लॉक से मदरसा संचालित होने की रिपोर्ट लगा दी गई। इन लोगों ने मामले में नई जांच समिति बनाकर तथा समिति में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शामिल कर पुन: जांच कराने की मांग की है। शिक्षकों ने चार वर्ष बाद आए मात्र ढाई महीने के मानदेय भुगतान कराने की भी मांग की है।