बलरामपुर। टीईटी अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर जिले में शिक्षक की पाती अभियान ने जोर पकड़ लिया है। शिक्षकों ने पोस्टकार्ड के जरिये अपनी आवाज देश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई और सेवा शर्तों में राहत देने की मांग उठाई।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के नेतृत्व में चले इस अभियान का नेतृत्व जिलाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह और मंडल महामंत्री अरुण कुमार मिश्र ने किया। शिक्षकों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष को संबोधित करते हुए पोस्टकार्ड भेजे। पोस्टकार्ड में शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनकी नियुक्ति जिन अर्हताओं के आधार पर हुई, उसके बाद लागू किए गए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) नियमों को उन पर लागू करना न्यायोचित नहीं है। उनका कहना है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाना चाहिए, क्योंकि उस समय की भर्ती प्रक्रिया अलग मानकों पर आधारित थी।
शुक्रवार को विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया। अभियान में पंकज कुमार पांडेय, आलोक मणि पांडेय, पायल अरोड़ा, तान्या बाजपेई, आलोक पाठक, सिद्धनाथ पांडेय, जीवन ज्योति यादव, महमूदुल हक, अनूप वर्मा, दीपक कुमार, स्वर्णलता गुप्ता, सरिता श्रीवास्तव, निधि श्रीवास्तव, सलमा खान, अमिता श्रीवास्तव, अशोक सोनकर, जानकी प्रसाद, सोनिया श्रीवास्तव, पवन कुमार सिंह व शैलेंद्र सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।