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शिक्षकों ने कलेक्ट्रट में प्रदर्शन कर जताया विरोध

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बलरामपुर। विधानसभा चुनाव में मतदान कराने के लिए प्रसूता, गंभीर मरीज व दिव्यांगजनों की ड्यूटी लगाने से शिक्षकों में आक्रोश है। शनिवार को आक्रोशित शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन कर डीएम से समस्या का निराकरण कराने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कोरोना प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक व जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कमरुद्दीन अंसारी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में छठवें चरण के दौरान तीन मार्च को विधानसभा चुनाव 2022 का मतदान कराया जाएगा। मतदान कराने के लिए प्रशासन की ओर से प्रसूता अवकाश, पति-पत्नी, दिव्यांगजनों व गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। कहा कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए जिन कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए उनको 50 लाख का बीमा सुरक्षा प्रदान किया जाए। मतदान कराने वाले सभी कर्मचारियों को पीपीई किट मुहैया कराई जाए।
प्रसूता अवकाश, दिव्यांगजनों, गंभीर बीमारियों व छोटे बच्चों वाली शिक्षिकाओं की ड्यूटी मतदान में न लगाई जाए। पति-पत्नी दोनों के सेवा में होने पर पत्नी को ड्यूटी से मुक्त किया जाए। शिक्षकों की ड्यूटी द्वितीय व तृतीय मतदान अधिकारी के पद पर लगाया गया है। ऐसी त्रुटियों को शुद्ध कराकर पोस्ट के अनुसार ड्यूटी दी जाए। 55 वर्ष से ऊपर के कर्मचारियों को चुनाव में ड्यूटी न दी जाए। प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त मंत्री शिव कुमार सोनी, विकास, पंकज, अशोक कुमार गौतम, प्रदीप पासवान, राजाराम यादव, वेद मणि त्रिपाठी, राजेश कुमार, दुर्गेश वर्मा व राधेश्याम यादव आदि ने सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने की मांग की है।
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