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जनरेटर व इमरजेंसी लाइट से रोशन होंगे 352 मतदान केंद्र

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बलरामपुर। मतदान से दौरान जिले के बिना विद्युतीकरण वाले 352 मतदान केंद्रों में लोकतंत्र का पर्व जनरेटर व सोलर की रोशनी में मनाया जाएगा। जिले के चारों विधानसभा के आरओ को बिजली के साथ-साथ अन्य सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कराने का जिम्मा सौंपा गया है। वन विभाग से एनओसी के पेंच में फंसे 221 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों को सोलर लाइट से रोशन कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम ने नीति आयोग को भी एक पत्र भेजा है। बाकी बचे 131 विद्यालयों में विद्युतीकरण कराने के लिए पॉवर कार्पोरेशन व बेसिक शिक्षा विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जिले में होने वाले विधान सभा चुनाव के दौरान 958 मतदान केंद्रों से जुड़े 1857 मतदेय स्थलों पर छठवें चरण में तीन मार्च को मतदान होगा। मतदान केंद्रों में बिना विद्युतीकरण वाले जिले के 352 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों को शामिल किया गया है। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग से सटे शिक्षा क्षेत्र शिवपुरा के 57, तुलसीपुर के 51, गैसड़ी के 33 व पचपेड़वा के 80 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में वन विभाग से एनओसी का पेंच फंसा होने के चलते अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है।
चुनाव से पूर्व बजट मिलना बड़ी चुनौती
एक विद्यालय में सोलर लाइट लगाने पर करीब 3.50 लाख रुपये के खर्च का अनुमान है। एनओसी के पेंच में फंसे ऐसे 221 विद्यालयों में बिजली की रोशनी लाने पर कुल 7.73 करोड़ का खर्च होगा। इतना भारी भरकम बजट खर्च को मिल पाने की संभावना बहुत ही कम है। शिक्षा क्षेत्र सदर के 26, गैड़ास बुजुर्ग के 21, उतरौला के 31, श्रीदत्तगंज के 35 व रेहरा बाजार के 18 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में भी विद्युतीकरण नहीं हो सका है। ऐसे विद्यालयों में विद्युतीकरण कराने के लिए बेसिक शिक्षा व पावर कारपोरेशन विभागों को जिम्मा तो सौंपा गया है जो मतदान होने से पहले संभव होता नहीं दिख रहा है।
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व्यवस्था सुनिश्चित कराने को दिया निर्देश
विधानसभा चुनाव 2022 में मतदान केंद्र के रुप में प्रयोग होने वाले बिना विद्युतीकरण के विद्यालयों को जनरेटर व इमरजेंसी लाइटों से रोशन कराए जाएंगे। संबंधित आरओ को बिना विद्युतीकरण वाले विद्यालयों में जनरेटर व इमरजेंसी लाइटों के साथ स्वच्छ पेयजल, रैंप, सड़क मरम्मत, शौचालय व अन्य संसाधनों को चाक-चौबंद कराने का निर्देश दिया गया है। वन विभाग से एनओसी न मिलने वाले विद्यालयों में सोलर लाइटों का इंतजाम कराने के संबंध में नीति आयोग को भी एक पत्र भेजा गया है।
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श्रुति, डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी
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