फोटो-8-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में बच्चों की जांच करते चिकित्सक ।-संवाद
बलरामपुर। भीषण गर्मी का असर बच्चों की सेहत पर सीधा पड़ रहा है। इस समय ओपीडी में आने वाले हर तीसरे बच्चे में डायरिया के लक्षण दिख रहे हैं। उल्टी-दस्त व तेज बुखार के कारण बच्चों की सेहत खराब हो रही है। चिकित्सक अभिभावकों को बच्चों को गर्मी से बचाने का सुझाव दे रहे हैं।
जिला मेमोरियल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में सोमवार को बीमार बच्चों की संख्या अधिक रही। कक्ष व कमरे में बच्चे जुटे हुए थे। सुबह 11.20 बजे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हीरालाल व एनसीडी क्लीनिक चिकित्साधिकारी डॉ. ऋृषि श्रीवास्तव मरीज से घिरे हुए थे। रुखसाना ने बताया कि उनकी बेटी को दो दिनों से दस्त की समस्या है, चिकित्सक ने दवा व ओआरएस घोल दिया है। फरजाना ने बताया कि उनके बेटे को तेज बुखार है, चिकित्सक को दिखाने आई हूं। इसी तरह कांती, अशोक व ममता भी अपने बच्चों को दिखाने के लिए खड़ी हुई थीं। सोमवार को 98 बच्चों की ओपीडी हुई। बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि गर्मी का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। इस समय हर तीसरे बच्चे में डायरिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। तेज गर्मी और मौसम में बदलाव के बीच बच्चों में डायरिया के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि समय रहते सावधानी बरतने से इस बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है। गैर संचारी रोग के चिकित्साधिकारी डॉ. ऋृषि श्रीवास्तव ने बताया कि दूषित पानी, बासी भोजन और साफ-सफाई की कमी डायरिया का मुख्य कारण बन रही है। बच्चों में उल्टी, दस्त, कमजोरी और बुखार वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। डायरिया से बचाव के लिए बच्चों को स्वच्छ पानी पिलाने, ताजा भोजन देने और हाथों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। साथ ही शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए समय-समय पर ओआरएस घोल और पर्याप्त पानी पीने का सुझाव भी दिया है।