फोटो-2-बलरामपुर में बुधवार की दोपहर कड़ी धूप व लू से बचने के लिए गमछे से मुंह ढकता बाइक सवार।-संवाद
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बलरामपुर। सूरज की तपिस एवं गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बुधवार को पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप व गर्म हवाओं के कारण दिन में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। भीषण गर्मी व लू के थपेडों से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह ढके रहते हैं। बिजली की कटौती भी लोगों को परेशान कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो दूर जिला मुख्यालय पर भी लोकल फाल्ट के नाम पर बिजली कटौती की जा रही है।
बुधवार को सुरज की तपिश इस कदर बढ़ गई कि जिले में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दहकते सूरज की गर्मी से हवाएं भी काफी गर्म हो गयीं और दोपहर 12 बजे के बाद से ही तेज लू चलने लगा। भीषण गर्मी व गर्म हवाओं के कारण अधिकांश लोग दिन में बाहर निकले ही नहीं। अगर किसी को जरूरी काम से बाहर निकलना भी पड़ा तो वह शरीर को कपड़े से पूरी ढककर घर से बाहर निकले।
भीषण गर्मी में जहां संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है, वहीं किसानों के समक्ष फसलों की सिंचाई का संकट बढ़ जाता है। इधर, गर्मी बढ़ने पर तराई व भंभार क्षेत्र में पानी का लेवल काफी नीचे चला जाता है और हैंडपंप सूख जाते हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। कुल मिलाकर इस भीषण गर्मी ने आम जनमानस को बेहाल करके रख दिया है।
गर्मी बढ़ते ही बिजली की आंख मिचौली शुरू
जिले के गांवों में बामुश्किल 6-7 घंटे ही बिजली लोगों को मिल पाती है। जिला मुख्यालय पर लोकल फाल्ट के नाम पर कई बार बिजली कटौती की जाती है। रोस्टर के अनुसार बिजली न मिलने से लोगों में भारी आक्रोश है। गर्मी के मौसम में बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या काफी विकराल हो गई है। ग्रामीणों को न दिन में और न रात में बिजली मिल रही है। तमाम ग्रामीण लघु उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बिजली कटौती पर अंकुश लगाए जाने की मांग की है।