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Balrampur News: मुंबई, राजस्थान और नेपाल तक फैला शहरोज का नेटवर्क, हर कड़ी जोड़ रही एटीएस

Fri, 24 Jul 2026 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए स्लीपर सेल तैयार करने के आरोप में गिरफ्तार गैसड़ी थाना क्षेत्र के जमधरा गांव निवासी शहरोज अहमद की गतिविधियों को लेकर एटीएस ने जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अब जांच केवल सोशल मीडिया या मोबाइल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाया जा रहा है कि उसने सीमावर्ती क्षेत्रों में कितनी पैठ बनाई, किन लोगों तक पहुंच बनाई और उसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था।
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सूत्रों के अनुसार शहरोज की पिछले कई वर्षों की गतिविधियों का पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। उसकी यात्राओं, मोबाइल लोकेशन, बैंकिंग लेनदेन, सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल डिवाइस और व्यक्तिगत संपर्कों को एक-दूसरे से जोड़कर जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों ने शहरोज के मुंबई आने-जाने का मामला विशेष जांच का विषय बना है। वहां उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी दौरान उसकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई, जिन्होंने उसे पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जोड़ने में भूमिका निभाई। भारत-नेपाल सीमा से सटे जमधरा गांव का निवासी होने के कारण उसकी नेपाल में सक्रियता भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है। सूत्रों के मुताबिक शहरोज कई बार नेपाल गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि वहां उसके संपर्क किन लोगों से थे, उसने किन क्षेत्रों में आवाजाही की और सीमा पार किस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा। जांच का दायरा राजस्थान के श्रीगंगानगर तक भी पहुंच चुका है। वहां उसके संभावित संपर्कों और गतिविधियों के संबंध में स्थानीय एजेंसियों से सूचनाएं जुटाई जा रही हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों के संपर्कों की भी बन रही रिपोर्ट
सूत्रों का कहना है कि शहरोज सीमावर्ती क्षेत्रों के कुछ युवाओं से लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश करता था। वह उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने, विदेश में अवसर मिलने और प्रभावशाली लोगों से जुड़ने जैसे सपने दिखाकर अपने करीब लाने का प्रयास करता था। हालांकि स्थानीय स्तर पर उसकी बातों को गंभीरता से लेने वाले लोगों की संख्या सीमित बताई जा रही है। इसके बावजूद जांच एजेंसियां उसके संपर्क में आए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका का सत्यापन कर रही हैं। कुछ संदिग्ध संपर्कों का सत्यापन अन्य राज्यों की एजेंसियों की मदद से भी कराया जा रहा है।
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