बलरामपुर। शहर में 194 करोड़ के सीवर लाइन परियोजना को पूरा करने के लिए अब सड़कों की खोदाई नहीं होगी। सीवर पाइप डालने के लिए ट्रेंचलेस विधि (सुरंग खोदकर) का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बिना खोदे ही सीवर लाइन बिछाने के कार्य से शहरवासियों को आवागमन में होने वाली परेशानी भी नहीं झेलना पड़ेगी। कार्यदायी संस्था और जल निगम शहरी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
इसके लिए जैक फूसिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा। जिले में 1.94 अरब रुपये से निर्माणाधीन सीवर लाइन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजना से जुड़े कार्य कराएं जा रहे हैं। पहले चरण में कई मोहल्ले में सड़कों को खोदकर सीवर लाइन के लिए पाइप डाली गई थी। सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़क बनने में महीनों लग जाने के कारण लोगों का चलना फिरना तक दुश्वार हो गया था। अभी तक सिर्फ सात वार्डों में ही सीवर लाइन बिछाने का कार्य हो पाया है।
शहर में कई ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां सड़क की खोदाई होने पर स्थिति और बिगड़ सकती है। यहां की सड़कों की खोदाई होने से पूरे शहर पर इसका प्रभाव पड़ेगा। इतना ही नहीं कुछ वार्डों में तो अभी हाल ही में लाखों खर्च कर नई आरसीसी सड़क भी बनी है। इसके चलते ही अब सीवर लाइन बिछाने के लिए बिना खोदाई की ट्रेंचलेस विधि का उपयोग करने का निर्णय प्रशासन ने लिया है। संवाद
-नगर के बस स्टेशन वार्ड, सिविल लाइन, पीपल तिराहा आदि स्थानों पर ट्रेंचलेस विधि से सुरंग बनाकर सीवर पाइप लाइन डाली जाएगी। 150-150 फीट की दूरी पर चैंबर बनाकर पाइप डाली जाएगी। जल निगम शहरी के जूनियर इंजीनियर पवन सिंह ने बताया कि ट्रेंचलेस विधि से पाइप डालने के लिए वार्डों में स्थल चिह्नित किए जा रहे हैं। जल्द ही जैक फूसिंग मशीन से पाइप डाली जाएगी।
- शहर में ट्रेंच विधि सीवर लाइन पूरा होने के बाद ग्र्रामीण क्षेत्रों में भी इसी विधि का प्रयोग होगा। जिले के 793 पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य हो रहा है। जिन पंचायताें में कार्य पूरा नहीं हुआ है, वहां भी बिना सड़क खोदे जल जीवन मिशन परियोजना को पूरा करने के लिए कार्य होगा।