फोटो-30- तुलसीपुर में उर्वरक की दुकान पर जांच करती टीम। स्रोत विभाग
बलरामपुर। उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए शुक्रवार को कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की 25 उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही विक्रेताओं के अभिलेखों की भी जांच की गई।
जांच के दौरान स्टॉक और अभिलेखों में अनियमितता मिलने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। वहीं, मिलावट की जांच के लिए उर्वरक के सात नमूने भी संग्रहित किए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि मैसर्स चौधरी बीज दवा व खाद भंडार, हरनहवा परसिया (पचपेड़वा-तुलसीपुर क्षेत्र), धर्मेंद्र रमेश कुमार चौधरी और मैसर्स नफीस खाद एवं बीज भंडार, रजडेरवा चौराहा के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा छह उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी उर्वरक विक्रेताओं को प्रतिष्ठान पर रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड और दुकान या फर्म के नाम का साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को खतौनी, फार्मर आईडी और बोई गई फसल की संस्तुति के आधार पर निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।