बलरामपुर। विद्यार्थियों में छिपी खेल प्रतिभा को निखारने में माध्यमिक विद्यालय अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिले के जिन विद्यालयों ने अपने खेल मैदानों को सुरक्षित रखते हुए नियमित खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया है, वहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। इन खिलाड़ियों ने जिला, मंडल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है।
जिले के कई माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन एथलेटिक्स, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, जूडो और योग सहित विभिन्न खेलों का नियमित अभ्यास कराया जाता है। लगातार प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं और पदक जीत चुके हैं। खेल गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास हो रहा है।
राजकीय विद्यालय इटई रामपुर, एजी हाशमी इंटर कॉलेज, एमवाई उस्मानी इंटर कॉलेज तथा भारतीय विद्यालय इंटर कॉलेज, उतरौला के विद्यार्थियों ने जिला, मंडल और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। एजी हाशमी इंटर कॉलेज की छात्रा महक प्रदेश स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 400 मीटर दौड़ तथा छात्रा शांति 1500 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर चुकी हैं। दोनों खिलाड़ियों ने जिला और मंडल स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
एमवाई उस्मानी इंटर कॉलेज के छात्र आनंद कुमार ने प्रदेश स्तरीय योग प्रतियोगिता में पदक हासिल किया। एमपीपी इंटर कॉलेज के जूडो खिलाड़ी यशराज का चयन सहारनपुर स्थित आवासीय खेल छात्रावास के लिए हुआ है। प्रदेश स्तरीय चयन ट्रायल में उनके शानदार प्रदर्शन के आधार पर यह चयन हुआ।
डीएवी इंटर कॉलेज की छात्रा कंचन ने राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता (नॉर्थ जोन) की लंबी कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। एजी हाशमी इंटर कॉलेज की छात्रा मधु भी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीत चुकी हैं। वहीं भारतीय विद्यालय इंटर कॉलेज, उतरौला के छात्र जयंत नाथ, जनित नाथ और स्वदेश नाथ राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुके हैं।
प्रशिक्षकों की मेहनत ला रही रंग
विद्यालयों में खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में खेल प्रशिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। एजी हाशमी इंटर कॉलेज के खेल शिक्षक मोहम्मद सुहेल तथा एमवाई उस्मानी इंटर कॉलेज के खेल शिक्षक पंकज पांडेय खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देते हैं। लगातार अभ्यास और तकनीकी मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि विद्यालयों के खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं।