उतरौला। नगर पालिका परिषद की पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन नगरवासियों को अभी भी नियमित जलापूर्ति का इंतजार है। वर्ष 2022 में शुरू हुई इस योजना का 77.24 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पानी की टंकी और अधिकांश पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा होने के बावजूद अब तक नलों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
योजना के तहत नगर के 5,200 घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 3,500 घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जल निगम की ओर से शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है। साथ ही नियमित जलापूर्ति शुरू करने के लिए ट्रायल और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं भी पूरी की जा रही हैं।
नगर निवासी मो. नसीर शाह, ऐमन रिजवी, कफील अब्बास और सुमित श्रीवास्तव का कहना है कि योजना से लोगों को काफी उम्मीदें हैं, लेकिन अभी तक नलों में पानी नहीं पहुंचने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि जल्द नियमित जलापूर्ति शुरू होनी चाहिए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके और निजी जलस्रोतों पर निर्भरता कम हो।
योजना एक नजर में
वर्ष 2022 में पेयजल पुनर्गठन योजना की शुरुआत
77.24 प्रतिशत कार्य पूरा
5,200 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य
3,500 घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं
शेष कार्य पूरा होने के बाद नियमित जलापूर्ति शुरू होगी
पानी की बचत भी जरूरी
जल निगम ने नागरिकों से अपील की है कि जलापूर्ति शुरू होने के बाद पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें। पानी की बर्बादी न करें और कहीं भी पाइपलाइन में रिसाव दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।