बलरामपुर। करीब 44 साल बाद बनकर तैयार हुई सरयू नहर परियोजना को लेकर लाभ पाने वाले किसानों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। किसानों का कहना है कि असिंचित क्षेत्र के निए यह नहर किसी वरदान के लिए कम नहीं है।
जो धरती सिंचाई के अभाव में सूखी व वीरान पड़ी रहती है अब उस धरती पर हम वर्ष भर फसल उगाएंगे और पैसा कमाएंगे। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को नहर से लाभान्वित होने वाले कुछ किसानों से बातचीत की तो उनकी खुशी कुछ इस कदर जुंबा से छलकी।
गनवरिया निवासी किसान शंकर गिरी ने बताया कि सिंचाई के अभाव में हमारे खेत सूखे पड़े रहते थे। अब नहर से पानी मिलने पर हमारे खेतों में भी हरी भरी फसल लहलहाएगी। इससे हमारा परिवार खुशहाल व संपन्न बनेगा।
पिपरहवा निवासी किसान स्वामीनाथ ने बताया कि हमारे खेतों में अभी तक मौसम के अनुकूल परंपरागत फसल ही सिंचाई के अभाव में उग पाती थी। सिंचाई का साधन मिलने पर हम लोग अब खेत में नकदी फसल उगाकर अच्छा मुनाफा कमाएंगे।
ग्राम खैरा निवासी किसान प्रभूदयाल ने बताया कि सिंचाई के अभाव में अभी तक हम लोग अपने खेतों की प्यास नहीं बुझा पाते थे। सरयू नहर से अब हमारे सूखे खेतों की धरती की प्यास बुझेगी और हम लोग नकदी फसल पैदा कर समृद्घ बनेंगे।
ओड़ाझार निवासी अशोक मिश्रा ने बताया कि आजादी के 70 साल बाद भी तराई क्षेत्र का यह इलाका सिंचाई के अभाव में वीरान पड़ा था। यहां के किसान खेती राम भरोसे करते थे। सरयू नहर के शुरु होने से क्षेत्र के खेतों में भी हरित क्रांति आएगी। जिले के करीब 100 गांव के किसान अपनी इच्छा के अनुसार खेतों में फसल उगा सकेंगे।