बलरामपुर। बारिश व बाढ़ के बाद गांवों में संक्रामक रोगों ने कहर बरपा रखा है। बुखार तथा उल्टी-दस्त से अब तक करीब 25 लोगों की मौत हो चुकी है। गांवों मे मोटी तनख्वाह लेकर सफाई के लिए तैनात सफाई कर्मचारी गायब है। यह लोग रसूख या पैसे के बल पर अपना काम ही नही कर रहे हैं। आलम यह है गांवों में गंदगी का खामियाजा मासूम ग्रामीण संक्रामक रोगो के तौर पर झेल रहे हैं।
विदित हो कि सरकार ने जिले की 801 ग्राम पंचायतों में सफाई के लिए वर्ष 2008-09 में सफाई कर्मियों की तैनाती की थी। तैनाती के समय इन लोगों ने पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों के निर्वहन का शपथ पत्र भी भरा था लेकिन आज इसके बिल्कुल उल्टा है।
कुछ लोग अधिकारियों के घर का काम कर रहे हैं तो कुछ लोग पैसे व रसूख के बल पर केवल तनख्वाह उठा रहे है। तुलसीपुर तहसील की बाजार महराजगंज तराई में सफाई कर्मी न होने से जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा हुआ है।
स्थानीय निवासी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गणेश सोनी, शिव सिंह, अब्दुल्ला व नफीस अहमद आदि ने बताया कि बीते दो माह से शिकायत के बाद भी ग्राम पंचायत में सफाई कर्मी की तैनाती नही की गई है।
इसी क्षेत्र की ग्राम पंचायत जहानडीह निवासी कादिर, भुर्रे, लियाकत व शब्बीर ने बताया कि गांव में सफाई कर्मी कभी आता ही नही है। गांव की गलियां व सड़के गंदगी तथा कीचड़ से भरी हुई है।
लोग संक्रामक रोगो का शिकार हो रहे है। इस संबंध में तुलसीपुर विकास खंड के एडीओ पंचायत कष्ण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महराजगंज में सफाई कर्मी का पद रिक्त है तथा जहानडीह में सफाई कर्मी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। संवाद