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14 दुकानों से लिए उर्वरकों के नमूने

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बलरामपुर। सभी नौ ब्लॉकों में डीएम श्रुति के निर्देश पर उर्वरकों का नमूना इकट्ठा करने का अभियान चलाया गया। टीमों ने गुरुवार को 14 दुकानों से उर्वरकों के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिया।
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प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता है। छापे के दौरान टीम ने दुकानों पर उपलब्ध उर्वरक के स्टाक का पीओएस मशीन से सत्यापन किया।
जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि 27 जुलाई को टीम ने छापा मारने के दौरान सभी थोक व फुटकर विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि किसानों के जोत व आधारकार्ड से मिलान कर कैशमेमो काटते हुए उर्वरक की बिक्री करें। पीओएस मशीन व भौतिक सत्यापन में अंतर पाए जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के खिलाफ ईसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने हिदायत दी कि थोक विक्रेता स्टाक, बिक्री रजिस्टर व क्यूआर कोड देखे बिना उर्वरकों की आपूर्ति कदापि न करें। शून्य स्टाक वाले उर्वरक विक्रेताओं की सूची तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता है। जुलाई में शासन स्तर से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप यूरिया 28667 मीट्रिक टन की तुलना में 30391 मीट्रिक टन उपलब्ध है। इसी तरह डीएपी 4125 मीट्रिक टन की तुलना में 4150 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
एनपीके 2743 मीट्रिक टन की तुलना में 2765 मीट्रिक टन उपलब्ध है। पोटाश 1250 मीट्रिक टन की तुलना में 1252 मीट्रिक टन उपलब्ध है। सिंगल सुपर फास्फेट निर्धारित लक्ष्य चार हजार मीट्रिक टन की तुलना में 6995 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें अन्यथा जलस्रोतों व भूजल प्रदूषण की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है और मृदा स्वास्थ्य भी खराब होता है। जिले में उर्वरक कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है।
उर्वरक खरीद में समस्या होने पर वरिष्ठ सहायक राघवेंद्र पटेल के मोबाइल नंबर 9415458162 पर सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक और कनिष्ठ सहायक अरविंद वर्मा के मोबाइल नंबर 9891700011 पर दोपहर दो से शाम पांच बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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