फोटो-7-बलरामपुर के साहेबनगर में लगा राजकीय नलकूप।-संवाद
महराजगंज तराई। तुलसीपुर क्षेत्र में राजकीय नलकूप से किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा देने के दावे खोखले हैं। नलकूपों की देखरेख और मरम्मत पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अधिकतर नलकूप बिजली, यांत्रिक खराबी व जर्जर नालियों के कारण बंद पड़े हैं। किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों को निजी साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है।
साहेबनगर में लगा राजकीय नलकूप पिछले तीन वर्ष से बंद पड़ा है। किसान महेश, मकसूद और अजीम ने बताया कि नलकूप का संचालन लंबे समय से नहीं हुआ है। इसकी नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, जिससे नलकूप चलने की स्थिति में भी खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल है। किसान राहुल ने बताया कि उन्हें किराये पर इंजन लेकर फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे लागत बढ़ गई है। क्षेत्र के अन्य नलकूपों की स्थिति भी कमोबेश यही है। धान की रोपाई के लिए नर्सरी तैयार करने का समय चल रहा है, लेकिन सिंचाई सुविधा ठप होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
विद्युत सप्लाई की 11 केवी लाइन नीचे लटक रही
साहेबनगर नलकूप को बिजली आपूर्ति के लिए बिछाई गई 11 केवी लाइन का तार जर्जर और जमीन से करीब छह फीट की ऊंचाई पर लटक रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। किसानों ने जिलाधिकारी से नलकूप को चालू कराने तथा जर्जर विद्युत तार को तत्काल ठीक कराने की मांग की है। अधिशासी अभियंता अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही तार ठीक कराकर विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी और नलकूप का संचालन शुरू होगा।