बलरामपुर। शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नगर पालिका परिषद बलरामपुर ने वृहद स्तर पर कार्ययोजना तैयार की है। नगर में सड़क व नालों के निर्माण व पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए 100 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। बजट मिलने पर नगर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का सपना साकार होगा।
राज परिवार द्वारा बसाए गए बलरामपुर शहर को छोटी काशी के रूप में जाना जाता है। बलरामपुर राज परिवार द्वारा जलस्तर को व्यवस्थित रखने के लिए शहर के अधिकांश मोहल्लों में जलाशयों का निर्माण कराया गया था। साथ ही साथ जल निकासी के लिए नालों व नालियों का जाल बिछाया गया था। शहर में अधिकतर नाले व नालियां पुरानी होने के कारण अस्तित्व खो चुकी हैं।
प्रमुख नालों पर अतिक्रमण के कारण जलनिकासी सही ढंग से नहीं हो पाती है। जलनिकासी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सभी वार्डों को सीसी रोड व इंटरलॉकिंग से जोड़ने, जलाशयों व पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए अब नगर पालिका परिषद बलरामपुर की तरफ से शासन को 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव में गोंडा, उतरौला, तुलसीपुर व बहराइच मार्ग पर नगर सीमा तक नालों का निर्माण, बाजार व वार्डों में बनीं नालियों के चौड़ीकरण व ढक कर रखे जाने व नगर के अंदर जर्जर हो चुकीं सड़कों के पुनर्निमाण की कार्ययोजना शामिल की गईं हैं।
चौराहों का भी होगा सौंदर्यीकरण
नगर के चहुमुंखी विकास के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा शासन को 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही नाला, नाली व सड़कों के निर्माण के साथ ही पार्कों व प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। नगर में स्थित जलाशयों की साफ-सफाई कराकर उनका भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
- धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, नगर पालिका अध्यक्ष बलरामपुर