बलरामपुर। नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट दीप नरायन तिवारी ने दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को 13 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश भी दिया है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी नाबालिग लड़की को जिला मऊ के गांव मुंगेसर निवासी अशोक कुमार सोनकर छह अक्टूबर, 2017 को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस ने पीड़िता की बरामदगी के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया था। पीड़िता के बयान के आधार पर दुष्कर्म की धाराओं को बढ़ाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सत्र परीक्षण के दौरान सात गवाहों का बयान दर्ज किया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने अशोक कुमार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी को सश्रम आजीवन कारावास व 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 29 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।