बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर घट गया है। जलस्तर घटने से राप्ती नदी में कटान तेज हो गया है। राप्ती नदी कटान करके ग्रामीणों की बेशकीमती जमीनें निगल रही है। कई दिनों की भारी बारिश के चलते सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई है। लोगों ने शासन प्रशासन से सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों की तरफ से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी जा रही है।
पिपरहवा चौराहे से सीमावर्ती गांव नंदमहरा जाने वाली सड़क भारी बारिश के चलते गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस सड़क से कल्यानपुर, बेलीकला, रेहरा, नंदमहरा, भगवानपुर, नैकिनिया, भंगहाकला व बनकटवा सहित 25 से अधिक गांव के 20 हजार लोगों को रोजाना आवागमन करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासी समर बहादुर सिंह, अनिल, राज कुमार, राम गोपाल, दीपक सिंह, वेद प्रकाश, छविलाल, सोनू मिश्र, चंद्रभान सिंह, अवधेश दूबे व सोहन वर्मा आदि ने मांग किया है कि तत्काल बदहाल सड़क की मरम्मत कराई जाए जिससे लोगों को समस्याओं का सामना न करना पड़े।
राप्ती का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर नीचे रिकार्ड किया गया है। राप्ती नदी खतरे के निशान 104.62 मीटर की तुलना में शाम चार बजे तक 104.58 मीटर रिकार्ड किया गया है जो खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर घटने से राप्ती नदी में कटान तेज हो गई है।
सदर तहसील के कल्यानपुर, लालपुर फगुईया, गोसाईपुरवा, झौहन्ना सहित जिले के उतरौला तहसील में भी करीब 30 गांवों में राप्ती नदी तेजी से कटान कर रही है। कटान प्रभावित लोगों ने बताया कि उनकी बेशकीमती जमीनें राप्ती नदी निगल रही है। शासन प्रशासन की तरफ से कटानरोधी कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले में 31 बाढ़ चौकियां सक्रिय है। 90 नावें चलाई जा रही है। तुलसीपुर तहसील में भी 36 गांव एवं डिप पर, सदर तहसील के 29 गांव व डिप पर और उतरौला तहसील में 24 गांव व डिप पर नावें चलाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 36 गांवों का भ्रमण कर 419 लोगों का उपचार किया है। ओआरएस पैकेट, क्लोरीन गोली व जिंक की गोली का किट वितरित किया गया। पशुपालन विभाग पशुओं का टीकाकरण करा रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में 1469 परिवारों को राहत सामग्री किट दिया गया है।
गांवों में 1600 फूड पैकेट बांटे जा रहे है। सदर विधायक पल्टूराम ने बाढ़ प्रभावित गांव नरायनपुर मझारी, खजुरिया, परसा, दतरंगवा व सिंघवापुर में राहत राशन सामग्री व फूड पैकेट का वितरण किया है।