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राप्ती की कटान का कहर जारी, बेबश दिख रहे अधिकारी

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बलरामपुर। राप्ती नदी की कटान का कहर जारी है। कटान रोक पाने में अधिकारी बेबश दिख रहे है। कल्यानपुर गांव का प्राइमरी स्कूल तथा ढोढरी गांव की सड़क नदी में समा चुकी है। सैकड़ों बीघे खेती योग्य भूमि भी नदी की धारा में विलीन हो चुका है। कल्यानपुर गांव में करीब 60 लोग कटान की वजह से बेघर हो चुके है।
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बीते दिनों शासन के निर्देश पर प्रशासन भले ही कटान रोकने का दावा कर रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत पूरी तरह से विपरीत है। नदी की कटान रोकने का प्रयास हवा हवाई साबित हो रहा है। शनिवार को राप्ती नदी ने ढोढ़री गांव से जमालीजोत जाने वाली सड़क कटकर नदी में समाहित हो चुकी है। गांव का आधा कब्रिस्तान भी नदी में विलीन हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक लोगों की सैकड़ों बीघे खेती योग्य भूमि पहले ही नदी में समाहित हो चुकी है। इसी तरह कल्यानपुर गांव में भी कटान का कहर जारी है। कटान की वजह से गांव के करीब 60 लोग बेघर हो चुके है। गांव का प्राइमरी स्कूल भी कटान से क्षतिग्रस्त हो गया है। चरनगहिया, जमालीजोत, लालजोत, मझारी बाछिल, लखमा, गोनकोट, बाघाजोत, फत्तेजोत, चंदापुर, परसौना, भरवलिया तथा बौड़िहार आदि गांवों के निकट कटान का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारी कटान रोक पाने में पूरी तरह बेबश दिख रहे है। जनप्रतिनिधि भी गांव का दौरा कर लोगों को ढांढस बंधा रहा है। शनिवार को सदर विधायक पल्टूराम ने कल्यानपुर और ढोढ़री गांव जाकर कटान का जायजा लिया तथा लोगों को सरकार की तरफ से हर मदद का भरोसा दिलाया।
ठेकेदार भी खड़े कर रहे हाथ
बजट के अभाव में कटान रोकने का काम प्रभावित हो रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ ठेकेदारों ने बताया कि अधिकारियों के आश्वासन से हम लोग अपना पैसा लगाकर बंबू कैरेट व बालू भरी बोरियां डालकर कटान रोकने का प्रयास कर रहे है। अब पैसों की तंगी के कारण आगे काम कर पाना संभव नहीं दिख रहा है। इन लोगों ने शासन से कटान रोकने के लिए पर्याप्त बजट दिए जाने की मांग की है।
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हो रहे है सभी उपाय
कटान से प्रभावित गांवों में कटान रोकने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारियों तथा सभी उप जिलाधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक उपाय किए जाने का निर्देश दिया गया है। -कृष्णा करुणेश, डीएम
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