बलरामपुर। जिले में रविवार देर रात हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। कई दिनों से 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहे तापमान और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। सोमवार सुबह जब लोग जागे तो आसमान में बादल, ठंडी हवाएं और भीगी धरती ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। हालांकि दोपहर में धूप निकलने से उमस फिर बढ़ गई।
जिले के सात बिजली उपकेंद्रों के तहत आने वाले 221 गांवों में बिजली आपूर्ति करीब आठ घंटे ठप रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों के लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही। खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई में तेजी आ गई और गन्ने सहित खरीफ की अन्य फसलों को भी लाभ मिला। पेहर बाजार, गैसड़ी, गौरा चौराहा, ललिया, रेहराबाजार, तुलसीपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही खेतों में चहल-पहल दिखाई दी।
गौरा चौराहा के किसान फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि कई दिनों से पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही थी, जिससे डीजल पर भारी खर्च हो रहा था। एक रात की बारिश से हजारों रुपये की बचत हो गई। किसान उबैदुर्रहमान और विजय पांडे ने कहा कि बारिश से धान की नर्सरी और गन्ने की फसल को विशेष लाभ मिला है। अब खेतों में यूरिया डालने के लिए भी अनुकूल समय मिल गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है।
किसानों में उत्साह, धान की रोपाई तेज
रेहराबाजार के किसान शब्बीर, गोबिंद और सीताराम ने बताया कि इस बारिश ने गन्ने की सिंचाई की चिंता काफी हद तक खत्म कर दी है। पेहर बाजार में किसान परिवार सुबह से ही खेतों में जुटे रहे। महिलाओं ने भी रोपाई की तैयारी शुरू कर दी, जिससे गांवों में खेती-किसानी की रौनक लौट आई।
बारिश का असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहा। सूखे पड़े तालाब और पोखरों में पानी भरने लगा। गौरा चौराहा क्षेत्र में लंबे समय बाद मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई दी, वहीं मोर और नीलगाय भी खेतों व बागों में दिखाई दिए। बच्चों और युवाओं ने भी हल्की बारिश और ठंडी हवाओं का आनंद लिया।
हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था चरमराई
बारिश के साथ बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। हरिहरगंज उपकेंद्र के रघवापुर, नारायणपुर और सेखुईकला के पास हाईटेंशन लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। इसी तरह विशुनापुर उपकेंद्र के कोयलरा गांव के पास पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
इन क्षेत्रों के लगभग 80 गांवों में सुबह चार बजे से बिजली आपूर्ति बंद रही, जो दोपहर 12 बजे तक बहाल हो सकी। कई गांवों में अभी भी मरम्मत कार्य जारी है।
तुलसीपुर में रातभर बिजली गुल रहने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। नगर के पुरवा वार्ड में हाईवोल्टेज आने से एडवोकेट अब्दुल्ला समेत कई लोगों के पंखे, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए। बिजली विभाग ने तारों के आपस में चिपकने को इसका कारण बताया।
उतरौला में तेज आंधी और बारिश के कारण करीब सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि गैसड़ी में भी कई गांव प्रभावित रहे। कुल मिलाकर 141 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए टीमें तैनात
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर चौरसिया ने बताया कि सभी क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल सुधार कार्य किया जा रहा है।
फोटो-18- गैसड़ी क्षेत्र में बारिश के बाद धान की रोपाई करते किसान। संवाद
फोटो-18- गैसड़ी क्षेत्र में बारिश के बाद धान की रोपाई करते किसान। संवाद