बलरामपुर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसके चलते ही यूपी बोर्ड ने पहली बार कक्ष निरीक्षकों के पहचान पत्र पर क्यूआरकोड और क्रमांक नंबर अंकित करने का निर्णय किया है। इसके लिए यूपी बोर्ड पहचान पत्र का प्रारूप भी जारी करेगा। परीक्षा ड्यूटी के लिए इसी प्रारूप पर कक्ष निरीक्षकों का पहचान पत्र बनाया जाएगा।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 22 फरवरी से आरंभ होंगी। जिले में इस बार दसवीं और बारहवीं के करीब 35 हजार परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इनके लिए जिले में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यूपी बोर्ड ने परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने के लिए इस बार कक्ष निरीक्षकों को जारी होने वाले पहचान पत्र के प्रारूप में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत बोर्ड के पोर्टल से अब डीआईओएस पहचान पत्र का प्रारूप डाउनलोड करेंगे। प्रारूप पर आवंटित परीक्षा केंद्रों का विवरण अंकित कर संबंधित कक्ष निरीक्षकों को पहचान पत्र परीक्षा से एक सप्ताह पहले दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षण एवं परीक्षा संबंधी अन्य कार्यों के लिए शिक्षक, प्रधानाचार्य एवं अन्य कार्मिकों की ड्यूटी जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से लगाई जाएगी। इसके लिए डीआईओएस परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लेंगे। कमी मिलने पर उन्हें दुरुस्त कराने के लिए प्रधानाचार्य व केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद राम ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए यूपी बोर्ड से मिले निर्देशों का पूरी तरह पालन होगा।