बलरामपुर। बाढ़ व कटान से बेघर हुए परिवारों को बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से बेघर गरीबों के पक्का मकान बनवाए जाएंगे। बेघर हुए गरीबों को परिवारों को अब पक्के घर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण के अभियान में बेघर हुए 705 परिवारों की पहचान हुई है। अभी लाभार्थियों की संख्या में और बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
मानसून शुरू होते ही राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदियों और जिले के 17 पहाड़ी नालों के बाढ़ व कटान का कहर लोगों पर टूट रहा है। सदर तहसील के गोड़वा ग्राम पंचायत के मजरा साहेबनगर व टेंगनहिया मानकोट सहित 20 से अधिक गांवों और उतरौला तहसील के लालनगर सहित 25 गांवों पर राप्ती नदी के बाढ़ व कटान का कहर टूट रहा है। तुलसीपुर तहसील में खरझार सहित 17 पहाड़ी नालों के बाढ़ व कटान से 35 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। तीनों तहसीलों में नदियों व पहाड़ी नालों के बाढ़ एवं कटान से बेघर हुए परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से पक्का मकान देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में अब तक 705 बेघर परिवारों को सर्वे में शामिल किया जा चुका है। प्रत्येक लाभार्थी का पक्का मकान 1.20 लाख रुपये में तैयार होगा। चयनित लाभार्थी को 40 हजार रुपये की पहली किस्त दी जाएगी। दीवार तक निर्माण पूरा होने के बाद हर लाभार्थी के बैंक खाते में 70 हजार रुपये की दूसरी किस्त भेजी जाएगी। उपभोग प्रमाण पत्र देने के बाद ही दूसरी किस्त मिलेगी। छत तक निर्माण पूरा होने के बाद प्लास्टर व रंगाई-पोताई के लिए लाभार्थी को 10 हजार रुपये की तीसरी किस्त मिलेगी।
सभी घर होंगे रोशन
-मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में चयनित लाभार्थियों को पक्का मकान बनवाने में सहयोग के लिए 90 दिन की मजदूरी भी दी जाएगी। पंचायती राज विभाग से 12 हजार रुपये शौचालय का निर्माण कराने को मिलेगा। रसोई गैस सिलेंडर के साथ घर को रोशन करने के लिए लाभार्थियों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
बाढ़ व कटान प्रभावितों का हो रहा सर्वे
-बाढ़ व कटान प्रभावितों का सर्वे कराया जा रहा है। जिले के तीनों तहसीलों में तैनात लेखपालों एवं ग्राम पंचायत सचिवों को सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर बेघर हुए गरीबों के पक्के मकानों का निर्माण कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में चयन किया जा रहा है।
-संजीव कुमार मौर्य, सीडीओ