बलरामपुर। जिले के जरवा थाने के सिपाहियों पर नेपाल जा रहे युवकों से 28 हजार रुपये वसूलने का आरोप लगा है। इस मामले में पीड़ित हकीम खान की तहरीर पर एक नामजद व दूसरे अज्ञात सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाना ललिया के कोडरी निवासी हकीम खान ने तहरीर में बताया कि वह अपने एक साथी के साथ एक सितंबर को नेपाल के कोयलावाशा जा रहा था। सीमा पार न हो पाने से वह वापस लौट रहे थे, तभी जरवा थाने में तैनात सिपाही राजू यादव वहां आया। आरोप है कि उसने उनकी गाड़ी को रोक कर सभी को नीचे उतार दिया। इस बीच एक और सिपाही वहां पहुंच गया। दोनों सिपाहियों ने उन्हें थाने लाकर बाहर बैठाए रखा। वह छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये देने अथवा जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। मौके पर सिर्फ 28 हजार रुपये की ही व्यवस्था हो पाने किसी तरह मामले में सहमति बनी। दोनों सिपाहियों को चार हजार रुपये नकद व 24 हजार रुपये फोन-पे से चुकाने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया।
सोमवार की देर शाम इस मामले को लेकर पीड़ित ने थानाध्यक्ष से मिलकर दोनों सिपाहियों के खिलाफ तहरीर दी। थानाध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने मामले में केस दर्ज करते हुए इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। अपर पुलिस अधीक्षक नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
जरवा थाने में नेपाल जा रहे युवकों से अवैध वसूले के 24 हजार रुपये आरोपी सिपाहियों ने एक दुकानदार शमशाद व चाय वाले कयूम के मोबाइल नंबर पर फोन-पे से वसूले थे। वसूली का पैसा आन लाइन लेने के लिए आरोपी सिपाहियाें ने अपना फोन नंबर पीड़ित हकीम को नहीं दिया था। इसका खुलासा पुलिस अधीक्षक केशव प्रसाद की ओर से कराई जा रहे मामले की जांच में हुआ। पूरे मामले में दो सिपाही शामिल थे, लेकिन नामजद सिपाही राजू यादव ही हुए और एक सिपाही अज्ञात में हैं। अब विवेचना बाद ही दूसरे सिपाही का नाम सामने आएगा।