बलरामपुर। विकास भवन परिसर में बुधवार को कृषि विभाग की तरफ से मेला लगाकर किसानों को पराली से जैविक खाद तैयार करने का तरीका बताया गया। विभागीय अधिकारियों व कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी में पराली से जैविक खाद तैयार करने का तरीका बताया। स्टॉल के माध्यम से किसानों को विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारियां दी गई।
जिला स्तरीय खरीफ गोष्ठी का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने दीप प्रज्जवलित कर किया और मेले में आए किसानों से अपील किया कि अपने खेतों में पराली न जलाएं। अध्यक्ष ने खरीफ गोष्ठी में मौजूद किसानों को पराली न जलाने की शपथ दिलाई। उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह ने खरीफ गोष्ठी व मेले में आए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि खेतों में पराली जलाने के बजाए अब किसान जैविक खाद तैयार करें। खेतों में जैविक खाद डालकर फसलों की बेहतर पैदावार प्राप्त करके किसान अपनी आमदनी बढ़ाएं। पराली जलाने से खेतों की मृदा शक्ति कमजोर होती है जिससे किसानों को बेहतर उपज नहीं मिल पाती है। हरैया सतघरवा ब्लाक के प्रगतिशील किसान अजय प्रताप पांडेय सहित अन्य कई किसानों को निशुल्क डिकंपोजर का वितरण किया गया।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. इन्द्रेश गौतम, जिला कृषि अधिकारी आरपी राना व बीएसए कृषि सुवाश चंद्रा ने धान की फसल में लगने वाले रोग किट प्रबंधन व संचारी रोग आदि के बारे में बताया। तुलसीपुर ब्लाक के प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की ने पराली पर कराए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। जिला उद्यान अधिकारी लाल बहादुर मौर्य, डीसी मनरेगा महेंद्र देव पांडेय, डीसी एनआरएलएम सूबेदार सिंह यादव, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर सोमप्रकाश गुप्ता, एके वर्मा व एके पांडेय आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। मेले में कई विभागों के स्टाल लगाए गए जिनके माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य अतिथियों ने विभागीय अधिकारियों के साथ मेले में लगाए गए स्टाल का अवलोकन किया। मेले के स्टाल पर मौजूद अफसरों व कर्मियों ने जानकारी मुहैया कराई।