बलरामपुर। सोमवार को राप्ती नदी खतरे के निशान 104.620 के सापेक्ष 105.040 मीटर पर बह रही है। खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर नदी के बहने के साथ ही तहसील तुलसीपुर के 26 ग्राम व सदर तहसील के 15 ग्राम आंशिक व सामान्य रूप व उतरौला तहसील के पांच गांव प्रभावित होने का दावा प्रशासन कर रहा है। ललिया गांव के दर्जनों घरों में पानी भर जाने के कारण छत व ट्रैक्टर ट्राली पर लोग गुजर बसर कर रहे हैं। वहीं बाढ़ का पानी सोमवार को शहरी क्षेत्र के करीब पहुंच गया है। इससे शहरी क्षेत्रों के लोगों की धड़कनें बढ़ गईं हैं।
तुलसीपुर के ग्राम पंचायत बरगदही के प्रधान प्रतिनिधि मंगल देव सिंह ने बताया कि गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। विद्यालय व अन्य सरकारी भवन पूरा बाढ़ के पानी की चपेट में है। मेवालाल व निबरे का घर भी गिर गया है। लालिया क्षेत्र के मदारगढ़ के शुभम पांडे, भास्कर, दुर्गा प्रसाद, सुरेश राम, वेद प्रकाश ने बताया कि गांव के दर्जनों घरों में पानी भर जाने के कारण छत और ट्रैक्टर ट्राली पर लोग अपना गुजर बसर कर रहे हैं। ग्रामीण मुबारक, मोती, बुधई सिंह, जय बक्श सिंह, मेवालाल ने गांव में नाव की व्यवस्था कराए जाने व खाने की व्यवस्था कराए जाने की मांग संबंधित अधिकारी से की है। महाराजगंज तराई से लोहेपनिया गांव जाने वाली सड़क खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ से कट गया है। इससे आवागमन बंद हो गया है।
आवागमन के लिए लगी नाव
राप्ती नदी में आई बाढ़ से बरगदही, किठूरा, कौवा, साखीरेत, सुखदेवपुरवा, हिम्मत पुरवा, चिकनौटा, पटोहाकोट, चंदनजोत, बुडन्तापुर, तिवारीडीह, पूरेछीटन, अमरहवा, अम्मरनगर, पठानपुरवा गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। उपजिला अधिकारी तुलसीपुर अभय कुमार सिंह ने बताया है कि गांव में नाव भेज दी गई है। राजस्व कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। हरेक ग्राम प्रधान, लेखपाल व सचिव के संपर्क में प्रशासन की टीम है।
संचार संपर्क भी टूटा
गैसड़ी क्षेत्र के पचपेड़वा-मधवानगर-खादर बूढ़ी राप्ती नदी में उफान से इमलिया खादर मुख्य संपर्क मार्ग पर बाढ़ आने से कई गांवों की मुश्किल बढ़ गई है। ललभारिया खादर, कोहर गड्डी कुटी, रमतलहा,, परसौना ,पजोहा, हाजी डीह ,बरगरदहा सोहना नारचहवा सैफ, फरूहवा भकहला आदमतारा, मल्दा सहित दर्जनों गांवों में बिजली न आने के कारण लोगों के माेबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे उनका संपर्क टूट गया है।
आवागमन बंद होने से परेशानी
गौरा तुलसीपुर राजमार्ग पर एक मीटर से ज्यादा पानी बह रहा है। इससे वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। राकेश सोनकर, सत्यम सिंह के अनुसार अगल बगल गांव के लोग जान जोखिम में डालकर गहरे पानी में चलने मजबूर हैं। जैतापुर पचपेड़वा राजमार्ग पर स्थित धवाई डीप पर बहाव तेज होने के कारण ग्राम जमुवरिया से भोजपुर संतरी प्रधानमंत्री मार्ग पर आवागमन बंदकर दिया गया है।
तहसील मुख्याालय से गांवों का संपर्क टूटा
उतरौला। राप्ती नदी के बढ़ते जल स्तर के चलते ग्राम फत्तेपुर, रुस्तमनगर, कोहनियां ,तेतारपुर, विरदबनियाभरी, लालनगर, केवतली, बारम, कटरा, वरायल,मोहनजोत,भटपुरवा,जनुकी, मिलौली बाघाजोत व मटियारिया कर्मा आदि ग्राम पानी से घिर गये हैं। रुस्तमनगर ग्राम को जाने वाले सड़क पर पानी के चलते आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है।
बीस हजार की आबादी प्रभावित
गैड़ास बुजुर्ग। नकहवा नाले पर सडक के ऊपर पानी बहने के कारण भरथपूर ग्रिन्ट, ऐलरा, पकडी भुआरि आदि गांवों के लोगों की समस्या बढ़ गई है। खुर्शीद, राधे श्याम, झिनकन , हृदय राम, इसरार व मुश्ताक ने बताया कि पानी भरने के कारण घर से निकलना मुश्किल हो गया है। अभी तक प्रशासन स्तर पर कोई प्रबंध नहीं किया गया है।
घड़ियाल दिखने से दहशत
सदर तहसील के नसीबगंज गांव के पास बाढ़ के पानी के बहाव में घड़ियाल दिखने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बाढ़ खंड के अवर अभियंता पीके पांडेय ने बताया कि इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई है।
फैक्ट फाइल
तहसील तुलसीपुर के 26 ग्राम बाढ़ व सदर तहसील के 15 ग्राम आंशिक/सामान्य रूप से तथा उतरौला के 05 प्रभावित हुए हैं।
एक टीम एसडीआरएफ, एक टीम फ्लड पीएसी तैनात की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की 32 मेडिकल टीमें गठित हैं। अब तक 255 के इलाज का दावा किया गया है।
32 बाढ़ चौकियां एवं 19 बाढ़ शरणालय बनाये गये हैं।
राहत एवं बचाव के दृष्टिगत 60 बड़ी नावें तथा 09 मोटर बोट्स लगाए गए हैं।
पशुपालन विभाग ने 18 पशु शिविर बनाये हैं। 3600 पशुओं का टीकाकरण एवं 186 पशुओं का उपचार किया गया है।
जरूरत पड़ने पर यहां मिलाएं फोन
- जनपद स्तरीय इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल कमांड सेन्टर के नम्बर 9170277336, 8960010336, 05263-236250 संचालित है। इसके अलावा तहसील बलरामपुर का कन्ट्रोल रूम नम्बर 05263-234024, तहसील तुलसीपुर का कन्ट्रोल रूम नम्बर- 9400696224, तहसील उतरौला के कन्ट्रोल रूम नम्बर-7991441311, 954416061 व 05265252469 संचालित है।