फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: 50 गांवों पर टूट रहा राप्ती की कटान का कहर

Mon, 08 Jul 2024 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। जिले के 50 से अधिक गांवों पर राप्ती नदी की कटान का कहर टूट रहा है। सदर तहसील क्षेत्र के सहिबानगर व मानकोट टेंगनहिया और उतरौला तहसील में लालनगर गांव के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीण खुद ही अपने कच्चे-पक्के मकान उजाड़ रहे हैं।
विज्ञापन

सदर तहसील के गोड़वा ग्राम पंचायत के मजरा सहिबानगर निवासी विजय कुमार, संतराम, रुद्रा, भूरे, रक्षाराम, गुल्ले, दुखहरण, बजरंगी, जिलेदार, गंगासागर आदि ने बताया कि पूरा गांव राप्ती की कटान की जद में आ गया है। नदी की धारा सहिबानगर गांव से सटी है। नदी तेजी से कटान कर रही है। गांव के लोग दिन-रात मेहनत करके अपना कच्चा-पक्का मकान हाथों से ही उजाड़ रहे हैं। पूरा गांव राप्ती की विनाशलीला का शिकार हो गया है। राप्ती नदी दक्षिण की तरफ 150 बीघे जमीन निगल चुकी है। इसी तरह सदर तहसील के मानकोट टेंगनहिया में भी राप्ती तेजी से कटान कर रही है। यहां भी लोग अपना कच्चा-पक्का आशियाना उजाड़ रहे हैं। सदर व उतरौला तहसील के 50 से अधिक गांवों में राप्ती नदी की कटान तेज हो गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
उतरौला तहसील के लालनगर में शादाब अहमद का पक्का मकान राप्ती की धारा में समा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान करके राप्ती गांव की तरफ तेजी से आ रही है। लालनगर के किसानों की करीब 100 बीघे जमीन भी नदी कटान करके निगल रही है।
विज्ञापन

रखी जा रही नजर
राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ व कटान पर नजर रखी जा रही है। तीनों तहसीलों के एसडीएम को क्षेत्रों का भ्रमण करने और बाढ़ व कटान प्रभावित गांवों में राजस्व निरीक्षकों व हलका लेखपालों को आकलन का निर्देश दिया गया है। आकलन रिपोर्ट के आधार पर बाढ़ पीड़ितों की आपदा प्रबंधन से मदद मुहैया कराई जाएगी। कटान प्रभावितों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
विज्ञापन

-प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें