बलरामपुर। उतरौला तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गत 16 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे वकीलों का सब्र अब टूटने लगा है। बुधवार को तहसील संघ भवन में बैठक करके अधिवक्ताओं ने 28 अप्रैल को चक्काजाम करने का निर्णय लिया है। अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण बैनामा कार्य भी ठप है। इससे अब तक करीब 80 लाख रुपये के राजस्व नुकसान हुआ है। न्यायिक कार्य नहीं होने से दूरदराज से आने वाले वादकारियों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।
बार संघ अध्यक्ष प्रहलाद यादव ने बुधवार को बताया कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गत 16 अप्रैल से वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। 12 दिन तक लगातार हड़ताल के बावजूद अब तक वकीलों की मांगें पूरी नहीं की गईं। वकीलों का कहना है कि उतरौला तहसीलदार व उनके दोनों पेशकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ये लोग न्यायिक प्रक्रिया का खुलेआम मजाक उड़ा रहे हैं। वादकारियों से हर कार्य के लिए मनमाने ढंग से धन उगाही करतेे हैं। ये लोग वादकारियों के साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं करते हैं।
स्थानांतरण न होने के कारण इनकी कार्यशैली दिनोंदिन भ्रष्ट होती जा रही है। वकीलों की हड़ताल के बावजूद अभी तक तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं किया गया है। अधिवक्ताओं ने बुधवार को तहसील संघ भवन में बैठक कर तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग की लेकर चक्काजाम करने का निर्णय लिया। हड़ताल के दौरान काम करने वाले अधिवक्ताओं को बिना नोटिस दिए ही संघ से निष्कासित करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में मुस्तफा हुसैन, रामतीरथ जायसवाल, व्यासमुनि पांडेय, इजहारुल हसन, अमित, रवि, परवीन, निजाम, आलोक गुप्ता सहित तमाम वकील मौजूद रहे।