बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों और आश्रम पद्धति विद्यालय विशुनपुर विश्राम में डिजिटल स्टडी प्लेटफॉर्म फिजिक्स वाला के माध्यम से डिजिटल कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है।
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत छात्राएं विद्यालय परिसर में ही विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार वीडियो लेक्चर, अध्ययन सामग्री, प्रैक्टिस मॉड्यूल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री का लाभ उठाएंगी। बताया कि प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ते हुए उन्हें महानगरों के विद्यार्थियों के समान अध्ययन के अवसर उपलब्ध कराना है।
इससे छात्राओं के ज्ञान, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी क्षमता में वृद्धि होगी तथा उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को भी मजबूती मिलेगी। विद्यालयों में डिजिटल अध्ययन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्राएं नियमित ऑनलाइन अध्ययन कर रही हैं। नई तकनीक के जरिये पढ़ाई शुरू होने से छात्राओं में उत्साह का माहौल है।