बलरामपुर। न्यायालयों पर हड़ताल करना वकीलों पर भारी पड़ गया है। हड़ताल पर हाईकोर्ट कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। जनवरी व फरवरी 2025 में हड़ताल करने वाले 23 पूर्व पदाधिकारियों को हाइकोर्ट ने नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। जिला बार एसोसिएशन बलरामपुर के पूर्व पदाधिकारियों को हाईकोर्ट ने 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण जिला जज कार्यालय में जमा करने का आदेश जारी किया है।
हाईकोर्ट ने 22 मार्च 2025 को पत्र देकर अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य न करने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना मानते हुए बलरामपुर के 23 पूर्व पदाधिकारियों को हटाने की चेतावनी दी है। जिला बार एसोसिएशन बलरामपुर के पूर्व अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर 20 जनवरी 2025 को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे थे।
10 फरवरी 2025 को बार एसोसिएशन का वार्षिक निर्वाचन होने के कारण न्यायिक कार्य नहीं किया गया था। इस संबंध में हाइकोर्ट से नोटिस मिला है। इससे पूर्व 20 दिसंबर 2024 को न्यायिक कार्य न करने पर भी नोटिस मिला था। दोनों कारण बताओ नोटिस का जवाब जिला जज कार्यालय में उपलब्ध करा दिया गया है। (संवाद)