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2.77 करोड़ का भुगतान न करने पर फंसी पीसीएफ के अफसरों की गर्दन

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बलरामपुर। किसानों के धान खरीद का 2.77 करोड़ रुपये भुगतान न करने पर पीसीएफ क्रय एजेंसी के अफसरों की गर्दन फंस गई है। शासन ने धान क्रय एजेंसी पीसीएफ के खिलाफ जांच बैठाकर कार्रवाई का शिकंजा कस दिया है। शासन ने जिला प्रशासन से सात दिन में धान क्रय एजेंसी पीसीएफ के अफसरों के खिलाफ जांच रिपोर्ट तलब की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर धान क्रय एजेंसी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासन के निर्देश पर डीएम कृष्णा करुणेश ने एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल को जांच सौंपी है।
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डिप्टी आरएमओ नरेन्द्र कुमार तिवारी ने शुक्रवार को बताया कि खरीफ क्रय वर्ष 2019-20 में पीसीएफ ने 11 क्रय केंद्रों पर 124.45 प्रतिशत के साथ 727 किसानों से 4200 एमटी की तुलना में 5226.987 एमटी धान खरीदा है। पीसीएफ ने अभी तक 277.15 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया है। पीसीएफ के अफसरों को किसानों को धान खरीद का तत्काल भुगतान करने का निर्देश कई बार दिया गया। लेकिन धान क्रय एजेंसी पीसीएफ के अफसरों ने किसानों को समय से भुगतान करने में घोर लापरवाही बरती है। किसानों के धान खरीद का समय से भुगतान न करने के साथ-साथ क्रय एजेंसी पीसीएफ के अफसरों की तरफ से तथ्यों को छुुपाने का भी प्रयास किया गया है। भुगतान न मिलने पर किसानों की तरफ से कई बार शिकायतें भी की गई हैं।
किसानों के शिकायत को संज्ञान में लेकर जिला प्रशासन की तरफ से शासन को रिपोर्ट भेजी गई। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। डीएम ने बताया कि शासन के निर्देश पर पीसीएफ के अफसरों के खिलाफ किसानों के धान खरीद का समय से भुगतान न करने पर एडीएम वित्त एवं राजस्व से जांच कराई जा रही है। एडीएम को सात दिन में जांच रिपोर्ट पूरी कर शासन को भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर पीसीएफ के अफसरों के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
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