फोटो-23-बलरामपुर के राम जानकी मंदिर में पूजा अर्चना करते महंत व अन्य ।-संवाद
तुलसीपुर। नगर के ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर की व्यवस्था अब नाथ संप्रदाय के हाथों में आ गई है। इसके साथ ही मंदिर के जीर्णोद्धार और आसपास के क्षेत्र के विकास को लेकर स्थानीय लोगों व व्यापारियों में उम्मीद जगी है। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने रविवार को अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने मंदिर को भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने का संकल्प लिया।
पीठाधीश्वर ने बताया कि लंबे समय से उचित देखरेख के अभाव में मंदिर भवन, परिसर का मीटिंग हॉल और अन्य कमरे जर्जर हो गए हैं। अब इनका चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार कराया जाएगा। मंदिर परिसर में रहने वाले दुकानदारों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी दुकान को हटाया नहीं जाएगा। पारदर्शी व्यवस्था के तहत समय पर किराया जमा कराने और निर्धारित नियमों के अनुसार मंदिर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस घोषणा के बाद नगर के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। व्यवसायी अमित कुमार, अजीत श्रीवास्तव, रामकुमार और पवन कुमार समेत अन्य लोगों ने विश्वास जताया कि पीठाधीश्वर के नेतृत्व में भगवान श्रीराम और माता सीता का यह प्राचीन मंदिर फिर से अपनी ऐतिहासिक भव्यता हासिल करेगा।
इस अवसर पर दिलीप गुप्ता, सुखदेव चौरसिया, अरविंद कुमार, अरुण गुप्ता, पंडित मातेश्वरी प्रसाद समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।