बलरामपुर। धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार छांगुर की जांच में कई अहम राज सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों की संयुक्त पड़ताल में पता चला है कि छांगुर ने नीतू के बैंक खातों के माध्यम से कई अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजनों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई थी। वह करीबी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर रुपये भी देता था। न्यायालय के बाबू राजेश उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजनों के बैंक खातों की जांच में यह तथ्य उजागर हुए हैं।
छांगुर ने रकम सीधे किसी अधिकारी या कर्मचारी के खाते में नहीं भेजी। पूरी साजिश को छुपाने के लिए उनके पिता, पत्नी, भाई, यहां तक कि ससुराल पक्ष के नाम तक बैंक अकाउंट इस्तेमाल हुए। जांच में फिलहाल 12 संदिग्ध खातों की पहचान हो चुकी है, जिनमें पिछले एक वर्ष के भीतर लाखों रुपये भेजे गए।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डेटा एनालिसिस में रकम ट्रांसफर की तारीखें व रैकेट की गतिविधियों की तारीखें एकदम मेल खाती हैं। संबंधित खातों को सीज करके जिनके नाम खाते हैं, उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जा रहा है।