बलरामपुर। गरीब अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। प्रोफेशनल व जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में 31 जुलाई तक आवेदन करना होगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम की तरफ से वित्तपोषित व उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम से संचालित शैक्षणिक ऋण योजना के तहत अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को ऋण दिए जाने के लिए प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा सत्र 2021-22 में प्रोफेशनल व जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले मुस्लिम, सिक्ख, इसाई, बौद्ध, पारसी व जैन के उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को ऋण दिया जाएगा। प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में प्रवेश खुले मुकाबले की परीक्षा में हुआ हो।
बताया कि जिनके परिवार की वार्षिक आय गरीबी रेखा के दोगुने से कम अर्थात शहरी क्षेत्र के लिए एक लाख 20 हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 98 हजार रुपये से अधिक न हो उन छात्र-छात्राओं को तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक शैक्षणिक ऋण मिल सकेगा।
वहीं जिनके परिवार की वार्षिक आय गरीबी रेखा के दोगुने से अधिक परंतु आठ लाख रुपये से कम हो ऐसे छात्रों को आठ प्रतिशत और छात्राओं को पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक शैक्षणिक ऋण मिल सकेगा।
शैक्षणिक ऋण प्रतिवर्ष चार लाख रुपये की दर से अधिकतम पांच वर्षों के लिए दिया जाएगा। 31 जुलाई तक आवेदन करने के लिए विकास भवन स्थित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय से निर्धारित प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है।