उतरौला। केमिकल कारोबार में हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर एक प्रवासी श्रमिक से करीब 19 लाख रुपये की ठगी हुई है। सऊदी में मजदूरी कर रहे श्रमिक को बुलाकर पुणे के एक होटल में नशीला पदार्थ खिलाकर दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी कराने का आरोप एक महिला पर है। उसने कहीं कुछ कहने पर हत्याकर नीले ड्रम में फेंकने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक मामला संगठित ठगी गिरोह की ओर इशारा कर रहा है। पीड़ित नियाज अहमद कुरैशी निवासी मोहल्ला रफीनगर उतरौला सऊदी अरब में मेहनत-मजदूरी करता है। नियाज का आरोप है कि पुराने परिचित के जरिये उसकी पहचान शाहिदा बानो उर्फ शना से हुई। फोन पर बढ़ती नजदीकियों के बाद शना और उसके पति शानुउल्ला खां ने केमिकल कारोबार में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया।
पीड़ित के मुताबिक भरोसा जीतने के बाद शना के गूगल-पे और फोन-पे खातों में धीरे-धीरे करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। यहीं नहीं पीड़ित के पुत्र अर्श से भी बैंक के जरिये रकम भिजवाई गई। 25 जून 2025 को 3.50 लाख और 31 जुलाई 2025 को 5.50 लाख रुपये जो शानुउल्ला के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में भेजे गए। इस तरह कुल रकम करीब 19 लाख रुपये तक पहुंच गई।
जब लंबे समय तक न तो कारोबार का कोई ब्योरा मिला और न ही पैसा लौटा तो पीड़ित ने सवाल उठाने शुरू किए। आरोप है कि इसी दौरान 12 अगस्त को सऊदी से भारत लौटने पर शना ने रकम लौटाने का झांसा देकर पहले अयोध्या बुलाया। वहां से उसे मुंबई और फिर पुणे ले जाया गया। पीड़ित का आरोप है कि पुणे के होटल में महिला ने उसे नशे की गोलियां खिला दीं।
होश में न रहने की हालत में उससे अज्ञात कागजात पर हस्ताक्षर कराए गए। विरोध करने पर शना ने उसे नीले ड्रम में भरकर मरवाने तक की धमकी दी। डर और दबाव में उसे 18 अगस्त को जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराकर उसी दिन सऊदी भेज दिया गया।
सऊदी पहुंचने पर तबीयत बिगड़ी, गोरखपुर में कराया इलाज
पीड़ित ने बताया कि सऊदी पहुंचने के बाद पीड़ित की हालत बिगड़ गई। भारत लौटने पर 17 नवंबर को परिजनों ने उसका इलाज गोरखपुर में मानसिक रोग विशेषज्ञ से कराया। अब स्वस्थ होने पर पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पक्ष उसकी पत्नी, बेटों और साले को फोन कर ब्लैकमेल व जान से मारने की धमकी दे रहा है। साथ ही एक फर्जी निकाहनामा वायरल किया जा रहा है, जिसकी जानकारी उसे कभी नहीं थी। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह का कहना है कि बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल, यात्रा रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। बताया कि मुनाफे के लालच में पीड़ित से ठगी की गई है। पीड़ित के दस्तावेज से यह पुष्टि हुई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।