साइबर ठगी में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह मामला केवल एक खाते से पैसे निकलने तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस इसे डिजिटल ट्रांजेक्शन की पूरी चेन, म्यूल अकाउंट (साइबर अपराधियों की ओर से किराये पर लिया गया ऐसा खाता, जिसका उपयोग पैसे को रिसीव करने, ट्रांसफर करने या छिपाने में होता है।) और तकनीकी सेंधमारी के एंगल से भी देख रही है।
20 से 25 नवंबर 2025 के बीच अनीसुर्रहमान के एक्सिस बैंक खाते से कई चरणों में 87 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि रकम एक-दो नहीं बल्कि कई खातों में छोटे-छोटे हिस्सों में भेजी गई, ताकि किसी को संदेह न हो। जांच में यह भी सामने आया है कि जिन खातों में पैसा गया, उनमें से कुछ व्यक्तिगत नामों पर हैं, जबकि कुछ ई कॉमर्स और ट्रेडिंग फर्मों के नाम पर पंजीकृत हैं।
मामले में प्रभारी निरीक्षक राम प्रकाश यादव ने बताया कि हर बिंदु की पड़ताल की जा रही है। इसकी भी जांच की जा रही है कि खाता धारक तक जमा और निकासी के मेसेज कैसे नहीं पहुंचे। इसके बाद फिर कैसे अचानक संदेश मिल गया।
म्यूल अकाउंट के तौर पर खाते के प्रयोग की भी हो रही जांच
प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पीड़ित की ओर से बिना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करने के बाद भी इतनी बड़ी रकम निकल गई। ऐसे में पुलिस की जांच अब डिवाइस क्लोनिंग, मैलवेयर अटैक या बैंकिंग सिस्टम में सेंध की आशंका की ओर बढ़ रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से अनीसुर्रहमान के मोबाइल, सिम और बैंकिंग डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस ने संबंधित बैंकों से केवाईसी, खाता खोलने के दस्तावेज, आईपी लॉग और ट्रांजेक्शन टाइमलाइन मांगी है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं अनीसुर्रहमान का खाता म्यूल अकाउंट के तौर पर तो इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था।
खातों को फ्रीज कराने की तैयारी
अनीसुर्रहमान के खातों से जहां रकम ट्रांसफर हुई, उन बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साइबर थाना प्रभारी का कहना है कि मामला संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा लग रहा है। जल्द ही कुछ खाताधारकों से पूछताछ की जाएगी।
बैंक के पास सुरक्षित है सभी ब्योरा
अनीसुर्रहमान का बैंक खाता एक एजेंसी से जुड़ा है, जिसके लेनदेन का ब्योरा सुरक्षित है। खाताधारक ने अवैध जमा व निकासी की जानकारी मौखिक दी थी, लेकिन बैंक से खाते के साथ दर्ज मोबाइल नंबर पर हर तरह की जमा व निकासी का मेसेज जाता रहा है। अभी खाता धारक ने कोई लिखित शिकायत बैंक में नहीं दी है। पुलिस की जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
-नियाज अहमद, बैक प्रबंधक एक्सिस बैंक