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रूपये न मिलने पर प्रसूता की नही बदली गई पट्टी

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बलरामपुर। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी अस्पतालों में न तो व्यवस्था सुधर रही है और न ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लग पा रहा है। संयुक्त जिला अस्पताल में पैसा न मिलने पर प्रसूता की पट्टी नहीं बदली गई। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने धनउगाही की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए स्टाफ नर्स से प्रसूता के परिवारीजन को पैसा वापस कराया। उन्होंने सीएमएस को धनउगाही में शामिल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी दिया है।
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राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने सोमवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। अस्पताल के प्रसव कक्ष में मरीजों का हालचाल लेने पहुंचीं तो सदर विकास खंड के ग्राम सेखुईकला निवासी जितेंद्र यादव ने उनसे शिकायत की कि करीब पांच दिन पहले उसके छोटे भाई की पत्नी नीलम को यहां प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था।
स्टाफ नर्स ने सात हजार रुपये की मांग की। तीन हजार रुपये तुरंत दे दिया गया। नीलम ने बच्चे को जन्म दिया। स्टाफ नर्स नीलम शर्मा लगातार बचे हुए चार हजार रुपये मांग रही थी। पैसा न देने पर नीलम की पट्टी नहीं बदली गई जिसके चलते उसे इन्फेक्शन हो गया।
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जितेंद्र यादव की शिकायत पर राज्य महिला आयोग की सदस्य भड़क गईं और उन्होंने सीएमएस को स्टाफ नर्स से प्रसूता के परिवारीजन को पैसा वापस कराने तथा धनउगाही में शामिल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार ने महिला आयोग की सदस्य के सामने ही स्टाफ नर्स से प्रसूता के परिवारीजन को पैसा वापस कराया। इस दौरान सुनीता बंसल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों व परिसर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड एवं शौचालय में गंदगी होने पर नाराजगी जताई और व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया।
आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आसिफ हुसैन ने बताया कि ओटी में सी-आर्म मशीन उपलब्ध हो जाए तो ऑपरेशन में सुविधा होगी। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सी-आर्म मशीन के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही। एक्स-रे कक्ष की नींव धंसने के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने का निर्देश सीएमएस को दिया। इस दौरान लोगों ने ब्लड सेपरेटर यूनिट के निर्माण में नियमों की अनदेखी किये जाने की शिकायत की जिस पर उन्होंने जांच कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाहर की जांच व दवा कदापि न लिखी जाए। बाहर की दवा या जांच लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इसी बीच उन्होंने सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार से अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने की बात कही तो सीएमएस ने दो टूक जवाब दिया कि वह भ्रष्टाचार नहीं रोक पाएंगे।
सुनीता बंसल ने सीएमएस के कार्य व्यवहार पर असंतोष जताते हुए मामले की शिकायत डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों से करने की बात कही। इस अवसर पर अस्पताल की क्वालिटी मैनेजर डॉ. रुचि पांडेय व डॉ. एनके वाजपेयी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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