बलरामपुर। पंचायत चुनाव में सोमवार को 15,619 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में कैद हो गई। जिले के सभी नौ ब्लॉकों में 2524 मतदेय स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटिंग कराई गई।
गांव की सरकार चुनने के लिए जिले के 16,78,774 मतदाताओं की तुलना में 58 प्रतिशत वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रत्याशियों के भाग का फैसला बैलेट बॉक्स में डाले गए मत पत्रों के साथ बंद कर दिया गया।
दो मई को होने वाले मतगणना के बाद मतदाताओं का फैसला सामने आएगा। छुटपुट घटनाओं व नोकझोंक का छोड़कर जिले में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही।
जिले में छुटपुट विवादों और नोकझोंक के बीच सुबह से ही उत्साह के साथ लोकतंत्र के पर्व पर मतदान केंद्रों में भारी भीड़ दिखी। इस दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी व टकराव रोकने के लिए आईजी देवीपाटन मंडल गोंडा डॉ. राकेश सिंह सहित, जिला निर्वाचन अधिकारी/ डीएम श्रुति, एसपी हेमंत कुटियाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी / एडीएम अरुण कुमार शुक्ल, एएसपी अरविंद मिश्र, सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़, सीओ सिटी वरुण मिश्र, उतरौला एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव, सीओ उतरौला आरआर सिंह, तुलसीपुर एसडीएम विनोद कुमार सिंह व सीओ उदयराज सिंह सहित 18 जोनल व 107 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की टीमें दिन भर शांतिपूर्ण व निष्पक्ष ढंग से चुनाव कराने के लिए कमान संभाले रहे।
सुरक्षा को लेकर सतर्क प्रशासन ने पर्याप्त मात्रा में पीएसी व पैरा मिलेट्री फोर्स के साथ सभी पोलिंग बूथों पर स्थानीय पुलिस बल तैनात कर रखा था। गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं का जोश व उत्साह तेज धूप की तपिश में उफान मारता दिखा। सुबह लाइन में वोट डालने के लिए लगे तो तपन बढ़ने के बाद भी लाइन कम होती नहीं दिखी।
धूप के तपन बढ़ने के साथ ही मतदान का प्रतिशत भी बढ़ता रहा। पहले दो घंटे में 9 बजे तक जिले के सभी 9 ब्लॉकों में 9.6 प्रतिशत तक वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इसके बाद 11 बजे तक मतदान फीसदी बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गया। दोपहर में मतदाता थोड़ा ठिठके लेकिन दूसरी पाली में मतदाताओं ने जोर लगाकर वोटिंग की और एक बजे तक मतदान प्रतिशत 34.4 प्रतिशत हो गया। दोपहर तीन बजे तक मतदान प्रतिशत 44.47 प्रतिशत रहा। शाम पांच बजे तक 54.6 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर 15619 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में कैद कर दी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पूरे जिले में एक साथ पहली बार हो रहे थे। अधिकारियों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इसके बावजूद कई बूथों पर सुरक्षा में कमी होने के कारण गड़बड़ी की शिकायतों का दौर चलता रहा।
इसकी सूचना मिलने के बाद ही अफसर दौड़ते भागते रहे। मतदान केंद्रों से गड़बड़ी करने की शिकायत मिलने पर अधिकारियों ने कड़ा रुख अख्तियार किया और मौके पर पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कराई।
पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद के 796 सीटों पर 5431 उम्मीदवारों के बीच टक्कर रही। क्षेत्र पंचायत सदस्य के 975 सीटों पर 4443 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। जिला पंचायत सदस्य के 40 सीटों पर 718 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतदाता करेंगे। ग्राम पंचायत के सदस्य सीटों पर भी आमने-सामने लड़ रहे उम्मीदवारों के बीच चुनावी टक्कर दिखी।
मतदाताओं ने जोश के साथ कई ग्राम पंचायतों में अपना जनप्रतिनिधि चुनने के लिए देर शाम तक मतदान किया। दोपहर में तेज धूप के कारण मतदान की रफ्तार थोड़ी थमी रही जिसके चलते शाम होने पर मौसम सामान्य हुआ।