बलरामपुर। जिले के बहुचर्चित बैंक ऋण फर्जीवाड़े में एक और मामला सामने आया है। पंजाब नेशनल बैंक नहर बालागंज शाखा में बैंक कर्मियों और ठेकेदार की मिलीभगत से 77 लाख रुपये का फर्जी लोन स्वीकृत करा लिया गया। पीड़ित व्यवसायी जुहैब अहमद की तहरीर पर पुलिस ने ठेकेदार, उसकी पत्नी-पुत्र और बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
पुरैनिया तालाब मोहल्ला निवासी जुहैब अहमद पुत्र नियाज गिट्टी, मौरंग का कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक नहर बालागंज शाखा में वर्ष 2016-17 से है। बैंक में उनकी पहचान ठेकेदार समरजीत सिंह से हुई। बातचीत बढ़ने के बाद उनके बीच व्यावसायिक लेनदेन भी होने लगा और जुहैब द्वारा समरजीत को कई बार निर्माण सामग्री की आपूर्ति की गई।
जुहैब ने बताया कि ठेकेदार समरजीत सिंह ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी, अपने मैनेजर संतोष सिंह, पत्नी पूनम सिंह व बेटे वैभव सिंह के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से फर्जी लोन स्वीकृत कराए।
नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह करेंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार बैंक से संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए हैं।
फर्जी दस्तावेज पर इस तरह स्वीकृत हुए ऋण
फर्जी दस्तावेज पर जुहैब अहमद के नाम 15 लाख व 20 लाख, उनकी पत्नी सबा के नाम दो लाख, भाई जैद के नाम 20 लाख, चचेरे भाई शोएब के नाम पर 20 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ। इन सभी ऋण की जानकारी जुहैब अहमद या उनके परिजनों को नहीं थी। जुहैब ने बताया कि कुछ महीनों पहले उनके खाते में अचानक लाखों रुपये आने लगे। जब उन्होंने बैंक मैनेजर महेश त्रिपाठी और समरजीत सिंह से पूछा तो बताया गया कि यह पैसा पीएसपी कंस्ट्रक्शन कंपनी का है और इसे जुलाई में वापस करना होगा। संदेह के बावजूद जुहैब ने भरोसे में आकर 3 और 5 जुलाई 2024 को कुल 1.20 करोड़ रुपये पीएसपी कंस्ट्रक्शन कंपनी के खातों में ट्रांसफर कर दिए। जुहैब का कहना है कि बैंक कर्मियों और कंपनी के पदाधिकारियों की साजिश से ही यह फर्जी ऋण स्वीकृत किया गया।
अगस्त में भी दर्ज हो चुकी है ऋण घोटाले की एक एफआईआर
पंजाब नेशनल बैंक की नहर बालागंज शाखा में पांच करोड़ 25 लाख रुपये के अनाधिकृत लेनदेन का खुलासा अगस्त माह में भी हो चुका है। पीएनबी अयोध्या मंडल के चीफ मैनेजर पुनीत मुतरेजा की तहरीर पर वरिष्ठ प्रबंधक समेत सात नामजद व अन्य अज्ञात के विरुद्ध इसी साल 15 अगस्त को मुकदमा दर्ज हुआ था।
लखनऊ का रहने वाला है आरोपी प्रबंधक
मामले में वरिष्ठ शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी निवासी 168बी हिंदनगर कानपुर रोड लखनऊ, महिला बैंक अधिकारी संतोष गुप्त निवासिनी 15/212ए सिविल लाइंस कानपुर, कैशियर यशवंत कुमार निवासी रसूलपुर हमीदपुर मऊ, पीएसपी कंस्ट्रक्शन पार्टनर गोंडा के 452 जानकीनगर निवासिनी पूनम सिंह, उनके पति समरजीत सिंह, बेटे वैभव सिंह, बैंक अधिकारी बलरामपुर बड़ा पुल टेढ़ी बाजार निवासी विनय कुमार शर्मा आदि आरोपी बनाए गए थे। मामले में 25 सितंबर को पुलिस ने बैंक प्रबंधक महेश त्रिपाठी और ठेकेदार समरजीत सिंह को गिरफ्तार भी किया था। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में हैं। पुलिस जांच में 12 करोड़ का घोटाला मिल चुका है।