बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर घटने के बाद अब तटवर्ती गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। वहीं, पहाड़ी नाले एक बार फिर उफना गए हैं। हेंगहा पहाड़ी नाले में आई बाढ़ से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, लौकहवा डिप पर पानी चलने के कारण करीब पांच लाख लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। खरझार नाले में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए तटबंध की मरम्मत न कराए जाने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
ललिया क्षेत्र में हेंगहा नाला एक बार फिर उफना गया है। इससे लौकहवा डिप पर करीब एक से डेढ़ फिट पानी चल रहा है। इसके कारण हरैया, ललिया, बरदौलिया व शिवपुरा क्षेत्र की करीब पांच लाख की आबादी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। कई गांवों के संपर्क मार्ग भी कट गए हैं। बाढ़ का पानी तेजी से तटवर्ती गांवों में फैल रहा है। हरैया सतघरवा ब्लॉक के पहाड़ी नाला धोबैनिया में भी बाढ़ के चलते लौकीकला गांव में कटान का खतरा बढ़ गया है। नाले के बगल स्थित प्राथमिक विद्यालय नवीन का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। प्रभारी प्रधानाध्यापक सिद्धांत मिश्र ने बताया कि कटान रोकने के लिए जिला प्रशासन से मांग की गई है लेकिन अभी तक कोई उपाय नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान जानह्वी प्रसाद शुक्ल ने बताया कि गांव में कटान का खतरा बढ़ गया है।
नेपाल में हो रही बारिश व पहाड़ी नालों में उफान से जरवा क्षेत्र के हथियागढ़, नवानगर, मकुनहवा, सोनपुर, धुतकहवा व नरायनपुर आदि गांवों में पानी भर गया है। शनिवार रात धुतकहवा गांव में संतचीन के बेटे सुनील की शादी थी। घर के चारों तरफ पानी भर जाने के कारण अनाज, तेल व मसाला भीग गया। बर्तन पानी में तैरने लगे। ऐसे में मेहमानों को बिना भोजन किए ही लौटना पड़ा। गोबरे, निब्बर, अफताब व खेलावन के खेत में पानी भरने से फसल डूब गई है।