ोटो-1-बलरामपुर में शनिवार को खाद्य विभाग के जैतापुर केंद्र पर गेहूं की खरीद करते संचालक व अन्य।-सं?
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बलरामपुर। जिले में गेहूं खरीदने की रफ्तार काफी सुस्त है। इसके अंदाजा इसी से दिखता है कि जिले में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए तीन एजेंसियों के स्तर से संचालित 55 केंद्रों के सापेक्ष अभी तक सिर्फ पांच क्रय केंद्रों पर ही गेहूं खरीद का कार्य शुरू हो पाया है। इन केंद्रों पर भी बीते 15 दिनों में केवल आठ किसानों ने ही सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेंचा है। ऐसे में 15 जून तक सरकारी खरीद के तय 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बना है। गेहूं बेचने के लिए जिले में अब तक 1757 किसानों ने ही ऑन लाइन पंजीकरण कराया है।
क्रय नीति के तहत इस बार सौ 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले किसानों का एसडीएम स्तर से सत्यापन भी होगा। इसके तहत ही तीनों तहसीलों के एसडीएम के पास पंजीकरण की तुलना में 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले 591 किसानों का सत्यापन लंबित है। नाम व भूमि का सत्यापन करने के लिए तीनों तहसीलों के एसडीएम के पास 280 किसानों का सत्यापन लटका है। बैंक खाते में सीधे भुगतान भेजने के लिए पीएफएमएस की प्रक्रिया भी पूरी होनी है जिसका 277 किसान इंतजार कर रहे हैं। टोकन बनाने के लिए 882 किसान ऑनलाइन प्रक्रिया में लगे हुए हैं। आठ किसानों का टोकन बना है लेकिन खरीद नहीं हो सकी है। जिले में अब तक कुल आठ किसानों ने खाद्य विभाग के पांच केंद्रों पर नौ लाख रुपये का गेहूं बेंचा है। गेहूं की खरीदारी 15 जून तक चलेगी। खाद्य विभाग को 13 केंद्रों पर 12 हजार एमटी, पीसीएफ को 23 केंद्रों पर 16 हजार एमटी और यूपीएसएस को 19 केंद्रों पर 14 हजार एमटी गेहूं किसानों से खरीद जाना है।
गेहूं की फसल तैयार हो गई है। गेहूं की खरीद में अब तेजी आएगी। नियमानुसार गेहूं की शुद्घ तौल कराने व किसानों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराने के लिए जिले के सभी केंद्रों पर पर्यवेक्षणीय अधिकारी तैनात किए गए हैं। किसानों से भी अपील की जा रही है कि वह ऑनलाइन पंजीकरण कराकर सरकारी केंद्रों पर ही गेहूं बेचें।
नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ