बलरामपुर। बिना ई-केवाईसी (उपभोक्ता के बारे में आवश्यक जानकारी) के किसानों को सम्मान निधि की धनराशि नहीं मिल सकेगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भारत सरकार ने लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण कराने के लिए नया लिंक ई-केवाईसी के नाम से खोल दिया है। पोर्टल पर दिए नए लिंक पर जाकर सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के साथ नए पंजीकरण कराने वाले सभी किसानों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। नए लिंक से ई-केवाईसी कराने वाले लाभार्थियों को दो-दो हजार की धनराशि 31 मई को भेजी जाएगी।
शुक्रवार को प्रभारी उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिले में योजना के दो लाख 82 हजार किसान पंजीकृत हैं, जिसमें से दो लाख 80 हजार किसानों को सम्मान निधि की 10वीं किस्त दी जा चुकी है। बिना ई-केवाईसी के 11वीं किस्त किसानों को नहीं मिल सकेगी। किसानों के बैंक खाते और आधार कार्ड में नाम की भिन्नता होने प्रधानमंत्री सम्मान निधि की धनराशि नहीं मिलेगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पात्र किसानों को एक साल में दो-दो हजार रुपये की तीन किस्त खेती में खाद व बीज आदि का प्रयोग करने के लिए दिया जा रहा है। भारत सरकार ने योजना में लाभ लेने वाले सभी लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण कराने के लिए पीएम किसान डॉट गर्वमेंट डॉट इन पर एक नया लिंक ई-केवाईसी के नाम खोल दिया है। योजना के लाभ लेने वाले किसानों को पोर्टल पर दिए लिंक पर जाकर पुराने व नए लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराना आवश्यक है। अपने नजदीक के सुविधा केंद्र पर बायोमेट्रिक विकल्प के माध्यम से 31 मई तक अवश्य करा लें अन्यथा आगामी आने वाली किस्त का भुगतान भारत सरकार की तरफ से रोक दिया जाएगा।