जरवा (बलरामपुर)। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के तुलसीपुर व रामपुर रेंज में विश्व गौरैया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत प्रसाद ने कहा कि संरक्षण भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है। हमें आसपास की हर वस्तु के साथ हर जीव को संरक्षित करना चाहिए। पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए वन विभाग की तरफ से संरक्षित क्षेत्र बनाए गए हैं, लेकिन गौरैया ऐसी चिड़िया है जो हमारे आसपास ही दिखती है। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को रेंजर ने मिट्टी का घड़ा दिया और कहा कि अपने घर या छत पर घड़े में पानी भर कर रखें, ताकि गौरैया समेत तमाम पक्षी प्यासे न रहें।
बदलते परिवेश में गौरैया धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। इसलिए गौरैया दिवस पर हमें इस चिड़िया को संरक्षित करने का संकल्प लेना होगा। इसके साथ ही अन्य पशु-पक्षियों, पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए भी मुहिम शुरू करनी होगी।
रामपुर रेंज कार्यालय में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेंजर प्रभात वर्मा ने कहा कि हमें गौरैया दिखनी बंद हो गई है, जिससे पक्षियों के कम होने का एहसास होता है। गौरैया को विलुप्त होने से बचाने के लिए सभी लोग इनके संरक्षण का संकल्प लें। इस अवसर पर वन दरोगा शशिकांत शुक्ला, वनरक्षक बागेश नंदन, सगीर अहमद, मुन्ना खान, दिनेश सिंह व चंद्रिका आदि मौजूद रहे।