बलरामपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कार्य करने वाले 146 शिक्षक व कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण शिक्षक व कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों ने शीघ्र वेतन दिलवाए जाने की मांग की है।
जिले में 11 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें केजीबीवी नगर क्षेत्र, देहात, श्रीदत्तगंज, उतरौला, गैड़ास बुजुर्ग, रेहरा बाजार, हरैया सतघरवा, गैसड़ी, तुलसीपुर, पचपेड़वा, बरगदवा सैफ व पचपेड़वा जंगल गांव शामिल हैं। इन विद्यालयों में 10 विषयों के लिए शिक्षकों के 99 पद सृजित है। इनमें हिंदी व संस्कृत पढ़ाने की जिम्मेदारी एक शिक्षक पर है। अंग्रेजी, सामाजिक विषय, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, कला व क्राफ्ट और उर्दू विषय के लिए एक-एक शिक्षक का पद स्वीकृत है। 99 सृजित पदों के सापेक्ष 84 शिक्षकों की तैनाती है। 15 पद रिक्त हैं। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, लेखाकार व लिपिकीय संवर्ग के 47 संविदाकर्मी कार्यरत हैं।
इन शिक्षक व कर्मचारियों को जून माह से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में इनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। केजीबीवी रेहरा बाजार में कार्यरत शिक्षक शीतल गुप्त, भानू सिंह, वंदना द्विवेदी, निशापाल सिंह, जय प्रकाश, सूर्यकांत व राजेंद्र आदि ने बताया कि वेतन न मिलने से हम लोगों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। इन लोगों ने शीघ्र मानदेय दिलवाए जाने की मांग की है। इस संबंध में बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि राज्य परियोजना कार्यालय से बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलते ही केजीबीवी के कर्मियों का भुगतान करा दिया जाएगा।