सरकारी अस्पतालों को बिल वाउचर सहित देना होगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में खर्च हुई धनराशि की पड़ताल शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में किस-किस मद में कितना पैसा खर्च हुआ है, उसका बिल वाउचर सहित विवरण मांगा गया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की मुख्य कार्यपालक अधिकारी संगीता सिंह ने सीएमओ को इस संबंध में पत्र लिखा है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल आयुष्मान भारत योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। जिले में आयुष्मान योजना के तहत 20 चिकित्सालयों को संबद्ध किया गया है। इनमें तीन जिला चिकित्सालय, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित आठ निजी हाॅस्पिटल शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 12 सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के क्लेम से मिली धनराशि के व्यय की जांच-पड़ताल शुरू हो गई है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने लाभार्थियों के क्लेम से अस्पताल को मिली धनराशि का व्यय बिल वाउचर सहित मांगा है। खर्च का विवरण मांगे जाने पर चिकित्सालयों में फाइलों की पड़ताल होने लगी है।
क्लेम की गई धनराशि का इस मद में होता है खर्च
जिस अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थी का इलाज होता है। इलाज कराने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा क्लेम करने पर धनराशि बैंक खाते में भेजी जाती है। क्लेम की गई धनराशि का 75 प्रतिशत अस्पताल में दवा, कंप्यूटर हार्डवेयर/साफ्टेवर के रखरखाव, योजना के प्रचार-प्रसार सहित रोगी सुविधाओं को बढ़ाने पर खर्च करना होता है। वहीं 25 प्रतिशत धनराशि अस्पताल के सपोर्टिंग स्टाॅफ को प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।
5,69,678 पात्रों का बन चुका है गोल्डन कार्ड
वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 73,0824 लाभार्थियों का चयन किया गया है। इनमें से 5,69,678 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। जो लक्ष्य का 77.95 प्रतिशत है। शेष पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चल रहा है। आयुष्मान मित्र गांव-गांव में सर्वे कर पात्रों की तलाश कर रहे हैं।
वर्जन
चिकित्सा अधीक्षकों से मांगी गई है रिपोर्ट
जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षकों से क्लेम की धनराशि के व्यय का विवरण मांगा गया है। जल्द ही मुख्य कार्यपालक अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
-डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर