बलरामपुर। विश्व श्रमिक दिवस पर रविवार को जिले में कार्यक्रमों के आयोजन किए गए। श्रमिक संगठनों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ से कार्यक्रम करके मजदूरों के जीवनशैली में सुधार पर फोकस किया गया। श्रमिकों को महंगाई के हिसाब से मजदूरी देने की बात कही गई। श्रमिकों के शोषण के खिलाफ लोगों को आवाज बुलंद करने की नसीहत दी गई। गोष्ठी में श्रमिकों के उत्थान पर प्रकाश डाला गया।
श्रम विभाग की ओर से मजदूरों के सम्मान में कई जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। मजदूरों के अधिकार और श्रम विभाग की ओर से मजदूरों के कल्याण के लिये चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रचार वाहन के माध्यम से लोगों को मजदूरों के कार्यों के घंटे, न्यूनतम मजदूरी और साप्ताहिक अवकाश के विषय में जानकारी दी गयी। प्रचार वाहन को चौराहों पर रोक बालश्रम के प्रति जागरूक किया गया। दुकानदारों को जागरूक किया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य करना कानूनन अपराध है। श्रम विभाग अजीत पांडेय, सुनील राय व मनोज तिवारी आदि मौजूद रहे।
नगर के पायनियर पब्लिक स्कूल के बच्चों व शिक्षकों ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजदूरों को पुष्प गुच्छ देकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। विद्यालय प्रबंध निदेशक डॉ. एमपी तिवारी ने कहा कि एक मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है। मजदूरों के सम्मान, उनकी एकता और उनके हक के समर्थन में लोगों को आगे आना होगा। इस दौरान विद्यालय में कला, भाषण व संस्कृति कार्यक्रम कर मजदूरों के उत्थान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इस मौके पर उप प्रधानाचार्य शिखा पांडेय, संतोष श्रीवास्तव, राघवेन्द्र त्रिपाठी, उर्वशी शुक्ला, प्रियंका शुक्ला, अर्चना श्रीवास्तव, रीना श्रीवास्तव व नेहा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
मजदूर दिवस पर विशुनपुर विश्राम में जन जागरूकता शिविर व गोष्ठी आयोजित की गई। महाराणा प्रताप जनजातीय सेवा संस्थान एवं सर्व लोक कल्याण संस्थान की तरफ से आयोजित गोष्ठ में श्रमिकों के उत्थान पर प्रकाश डाला गया। संस्थान के पदाधिकारी जग प्रसाद यादव ने कहा कि यह दिन मजदूरों के सम्मान, उनकी एकता और उनके हक के समर्थन में मनाया जाता है। हमारी संस्था मजदूरों के हक की लड़ाई के लिए काम कर रही है।
महाराणा प्रताप जनजातीय सेवा संस्थान के सदस्य सिकंदर राना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना, उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना व उनको बुलंद करना है। इस मौके पर सरिता चौधरी, मुन्नी चौधरी, सीता चौधरी, अनूपा, माया चौधरी, उपदेश कुमार जायसवाल, माला गुप्ता व विनय यादव आदि मौजूद रहे।