फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयोग के अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा व सदस्य सुचिता चतुर्वेदी ने केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से संचालित बच्चों व बाल श्रमिकों से जुड़ी योजनाओं की धरातल पर हकीकत परखी। साल भर में बाल श्रम व भिक्षावृत्ति रोकने के लिए सिर्फ तीन बार ही अभियान चलाने व तुलसीपुर के एक विद्यालय का शौचालय बंद पाए जाने पर नाराजगी जताई है। कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में विभागीय अधिकारियों को योजनाओं का सही ढंग से संचालन कराने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट सभागार में बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष, राइट टू एजुकेशन, पारिवारिक लाभ योजना, पंजीकृत श्रमिकों के बालक/बालिकाओं के लिए श्रम विभाग की तरफ से संचालित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। कोरोना महामारी के दौरान निराश्रित बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र को सौंपी गई।
राइट टू एजुकेशन के तहत निजी विद्यालयों में गरीब परिवार के बच्चों का दाखिला कराने का जिम्मा बीएसए डॉ. रामचंद्र को सौंपा गया। ऐसे विद्यालय जो अधिनियम का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई तत्काल की जाए। पाठ्य-पुस्तकों के वितरण व मिड-डे-मील के गुणवत्ता की समीक्षा हुई। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि 352 परिवारों को पारिवारिक लाभ योजना दी गई है। आयोग के अध्यक्ष ने समाज कल्याण विभाग की तरफ से संचालित आश्रम पद्धति विद्यालयों में गरीब परिवार के बच्चों का दाखिला कराने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह ने मदरसा संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत की। ईंट-भट्ठों व होटलों पर काम करने वाले बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने का निर्देश दिया गया। बैठक के बाद तुलसीपुर के गनवरिया गांव में संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण में गंदगी व शौचालय बंद सहित अन्य कमियां पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम राम अभिलाष, सीओ सिटी वरुण मिश्र, प्रभारी डीआईओएस डॉ. चंदन पांडेय व वन स्टॉप सेंअर मैनेजर कविता पाल सहित अधिकारी व कर्मचारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें