फोटो-17-बलरामपुर के उतरौला में स्थित उपनिबंधक कार्यालय ।-संवाद
उतरौला। महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व दिलाने के लिए दी जा रही स्टाम्प शुल्क में छूट का असर उतरौला तहसील में साफ दिखाई दे रहा है। अप्रैल से अगस्त तक पांच माह में 1,648 महिलाओं ने जमीन और मकान की खरीद कर अपने नाम बैनामा कराया। इस दौरान उन्हें कुल 2 करोड़ 32 लाख 37 हजार 380 रुपये की स्टाम्प शुल्क छूट का लाभ मिला।
उप निबंधक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में 232 महिलाओं को 17.31 लाख रुपये, मई में 341 महिलाओं को 1.26 करोड़ रुपये, जून में 508 महिलाओं को 39.60 लाख रुपये, जुलाई में 307 महिलाओं को 24.58 लाख रुपये और अगस्त में 260 महिलाओं को 24.59 लाख रुपये की स्टाम्प शुल्क छूट दी गई। पांच माह में जून में सबसे अधिक 508 महिलाओं ने संपत्ति खरीदी, जबकि मई में छूट की राशि सर्वाधिक रही।
महिलाओं के नाम संपत्ति का पंजीकरण बढ़ने से उन्हें कानूनी स्वामित्व मिलने के साथ परिवार की संपत्ति में उनकी भागीदारी भी मजबूत हो रही है। अब अकेले महिलाओं के नाम ही नहीं, बल्कि पति-पत्नी के संयुक्त नाम से भी बैनामा कराने का चलन बढ़ रहा है।
छूट के कारण महिलाओं के नाम बढ़ी रजिस्ट्री : उप निबंधक
उप निबंधक अब्दुल माजिद सिद्दीकी ने बताया कि स्टाम्प शुल्क में मिलने वाली छूट के कारण लोग महिलाओं के नाम पर जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। इससे महिलाओं का संपत्ति पर अधिकार मजबूत होने के साथ उनकी आर्थिक सुरक्षा भी बढ़ रही है।