बलरामपुर के संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करती महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल।
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बलरामपुर। महिला आयोग की सदस्य के निरीक्षण में जिला संयुक्त चिकित्सालय में तमाम खामियां मिलीं। प्रसव के नाम पर स्टाफ नर्सों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की शिकायत पर महिला आयोग की सदस्य भड़क उठीं। मरीजों से पैसा वसूलने की शिकायत से तिलमिलाए डॉक्टर ने अस्पताल में संसाधन उपलब्ध न होने की बात कहकर इस्तीफा देने की धमकी भी दी। संविदाकर्मियों ने 12 माह से मानदेय न मिलने की शिकायत करते हुए होली से पूर्व मानदेय दिलाने की मांग की।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने बुधवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले उन्होंने पूछताछ काउंटर स्थित शिकायत पंजिका का अवलोकन किया। शिकायत पंजिका में तमाम मरीज व तीमारदारों ने प्रसव के लिए स्टाफ नर्सों द्वारा पैसा लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रसव के लिए स्टाफ नर्सों द्वारा पैसा लिए जाने की शिकायत पर महिला आयोग की सदस्य भड़क उठीं। उन्होंने सीएमओ/सीएमएस को संबंधित स्टाफ नर्सों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने सभी स्टाफ नर्सों को बुलाकर कड़ी हिदायत भी दी। इस दौरान उन्होंने ओटी और लेबर रूम का भी निरीक्षण किया।
ओटी में उपकरणों को व्यवस्थित ढंग से रखने और लेबर रूम में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश प्रशासनिक अधिकारी को दिया। इस दौरान कुछ मरीजों ने अस्पताल के सर्जन पर ऑपरेशन के लिए रुपये वसूलने का आरोप लगाया। मरीजों की शिकायत पर महिला आयोग की सदस्य सर्जन डॉ. अरुण कुमार के पास पहुंची और मामले में पूछताछ करने लगीं। पैसा मांगने के आरोप से तिलमिलाए सर्जन ने कहा कि आपरेशन के लिए अस्पताल में तमाम सामान उपलब्ध नहीं रहता है। सामान खरीदने के लिए मरीजों से कहा जाता है।
महिला आयोग की सदस्य द्वारा भविष्य में पैसा न लेने की हिदायत पर सर्जन भड़क उठे और उन्होंने इस्तीफा देने की धमकी भी दी। इस मामले में भी महिला आयोग की सदस्य ने सीएमओ/सीएमएस को कार्रवाई का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान नीलम पांडेय आदि संविदा कर्मियों ने 12 महीने का मानदेय न मिलने की शिकायत करते हुए महिला आयोग की सदस्य से होली से पूर्व मानदेय दिलाने की मांग की।
महिला आयोग की सदस्य को यह भी बताया गया कि मानदेय भुगतान के लिए शासन से पैसा आया है लेकिन संबंधित लिपिक द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है। महिला आयोग की सदस्य ने संबंधित लिपिक को अस्पताल बुलाया लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी लिपिक उपस्थित नहीं हुआ। उन्होंने सीएमओ को संविदा कर्मियों को तत्काल मानदेय भुगतान कराने तथा संबंधित लिपिक के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।